जावरा स्टेशन पर कोच डिस्प्ले नहीं, अपना कोच तलाशने में बुजुर्ग महिलाएं बीमार व्यक्ति और बच्चों को परेशानी

15 माह से मांग पत्र लगातार देने के बावजूद समस्या जस की तस, रेलवे अधिकारी बताए-आखिर कब लगेगा कोच डिस्प्ले लगेगा या नहीं -अनिल दसेड़ा

जावरा। केसरियाजी तीर्थ राजस्थान जाने के लिए ट्रेन से यात्रा के दौरान जावरा रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को होने वाली परेशानी का एक बार फिर गंभीर मामला सामने आया। स्टेशन पर कोच डिस्प्ले की सुविधा नहीं होने से यात्रियों को अपने निर्धारित कोच की जानकारी के लिए ट्रेन के आने के बाद इधर-उधर भागना पड़ता है। इसका सबसे अधिक असर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों पर पड़ता है।
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनिल दसेड़ा ने जावरा स्टेशन की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि यात्रा के दौरान उन्होंने स्वयं देखा कि एक छोटा बच्चा अपने पिता के साथ ट्रेन का डिब्बा तलाशने के लिए प्लेटफॉर्म पर दौड़ रहा था। यदि स्टेशन पर कोच डिस्प्ले की व्यवस्था होती तो यात्रियों को इस तरह ट्रेन के साथ भाग-दौड़ नहीं करनी पड़ती।

15 माह से मांग, फिर भी नहीं लगी सुविधा
दसेड़ा ने बताया कि जावरा शहर के नागरिकों और रेल यात्रियों की ओर से 20 जुलाई 2025 से लगातार कोच डिस्प्ले लगाने की मांग की जा रही है। इस संबंध में डीआरएम रतलाम कार्यालय से लेकर चर्चगेट, मुंबई स्थित पश्चिम रेलवे के अधिकारियों तक मांग-पत्र दिए जाने की बात कही गई है। इसके बावजूद करीब 15 माह बीतने के बाद भी जावरा रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की इस छोटी लेकिन महत्वपूर्ण सुविधा का समाधान नहीं हो सका है।

ट्रेन आते ही शुरू हो जाती है कोच तलाशने की दौड़
कोच डिस्प्ले नहीं होने से यात्रियों को यह पता लगाने में परेशानी होती है कि उनका आरक्षित कोच प्लेटफॉर्म के किस हिस्से में आएगा। ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर पहुंचते ही यात्री अपने कोच की तलाश में दौड़ते नजर आते हैं। जल्दबाजी में बुजुर्गों और बच्चों के साथ दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
दसेड़ा ने रेलवे के जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित करते हुए कहा कि जावरा जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन पर यात्रियों को ऐसी बुनियादी सुविधा के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ना विचारणीय है।

विचारणीय प्रश्न—छोटी सुविधा के लिए 15 माह क्यों?
रेल यात्रियों का सवाल है कि जब यात्रियों की सुविधा के लिए आधुनिक रेलवे स्टेशनों पर कोच इंडिकेटर और डिस्प्ले जैसी व्यवस्थाएं की जा रही हैं, तो जावरा स्टेशन पर इसकी मांग अब तक पूरी क्यों नहीं हुई? यात्रियों का कहना है कि कोच डिस्प्ले कोई बड़ी मांग नहीं, बल्कि सुरक्षित और व्यवस्थित रेल यात्रा की मूलभूत सुविधा है।
दसेड़ा ने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों से जावरा स्टेशन पर जल्द से जल्द कोच डिस्प्ले की व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि यात्रियों, विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को ट्रेन पकड़ने के दौरान होने वाली परेशानी से राहत मिल सके।
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनिल दसेड़ा ने पुनः प्लेटफार्म पर कोच डिस्प्ले प्लेटफार्म नंबर 2 पर टिकिट खिड़की प्लेटफॉर्म नंबर 2 विस्तारीकरण में प्राचीन शिव मंदिर हटाया उसे पुनः उसी स्थान पर पुनः निर्माण आदि जन हित के उपरोक्त कार्य तुरंत करने के लिए पुनः मांग पत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, हेड ऑफिस, पश्चिम रेलवे चर्च गेट बॉम्बे डीआरएम रतलाम सांसद सुधीर गुप्ता को दिया है।

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