तपस्वियों के पुण्य से ही हरा-भरा दिखता है संसार -श्रमण संघीय प्रवर्तक श्री प्रकाश मुनिजी मसा

  • मासक्षमण तपस्वियों का बहुमान किया

रतलाम 27 अगस्त। मालव केसरी पूज्य गुरुदेव सौभाग्यमल जी मसा के सुशिष्य, रत्नपुरी के रत्न, श्रमण संघीय प्रवर्तक पूज्य श्री प्रकाश मुनिजी मसा के जन्मभूमि वर्षावास 2026 भाग्य से सौभाग्य की ओर में तप आराधनाएं लगातार चल रही है। गुरूवार को प्रवर्तक श्री प्रकाशमुनिजी मसा, उपप्रर्वतनी, महासती, प्रवचन प्रभाविका श्री सुमनप्रभाजी मसा ठाणा-8, महासती श्री चंदनबालाजी मसा एवं सेवाभावी श्री कल्पनाजी मसा, एवं श्री दर्शनमुनिजी मसा की निश्रा में मासक्षमण करने पर चार तपस्वियों का बहुमान किया गया।
प्रवर्तकश्री ने तप आराधना की अनुमोदना करते हुए कहा कि तप आराधना करना आसान नहीं है। तपस्वी मन को तपाता है और उसका तन भी तपता है। वास्तव में तपस्वियों के पुण्य से ही संसार हरा-भरा दिखता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को थोडी चोट लगने पर मां याद आती है। थोडी ज्यादा चोट लगने पर वह बाप रे बाप करता है और ज्यादा चोट लगती है, तो है भगवान निकलता है। वास्तव मंे परमात्मा ही जीव का सबसे गहरा मित्र है। हर भव में परमात्मा हमारा साथ देता है। उससे जन्म-जन्म का साथ होता है।
मोहन टाकीज स्थित श्री सौभाग्य प्रकाश दरबार में प्रवचन देते हुए प्रवर्तकश्री ने कहा कि जब हम राग-द्वेष छोडकर साधना में आगे बढते है, तब भगवान प्रसन्न होते है। वे सोचते है, मेरी जैसी एक और आत्मा तैयार हो रही है। देश की सेवा में जान पर वही खेलता है, जो मजबूत संकल्प और मन वाला होता है। जैसे देश के जाबांज जान हथेली पर लेकर अपना सबकुछ न्यौछावर करने वाले होते है। वैसे ही साधक भी संयम सुरक्षा के लिए जान हथेली पर लेकर चलते है। परमात्मा की भक्ति में ऐसे ही संकल्पवान सफल होते है, जो सबकुछ भूलकर साधना में लीन हो जाते है।
प्रवचन के आरंभ में उपप्रर्वतनी, महासती, प्रवचन प्रभाविका श्री सुमनप्रभाजी मसा ने भी तप आराधकांे की अनुमोदना की। इस मौके पर मासक्षमण तपस्वी किरणबाला अशोक मांडोत, ममता-मनीष मंडलेचा, संतोष राजेश भरगट, कुसुम राजकुमार पितलिया का चातुर्मास आयोजन समिति एवं श्री धर्मदास जैन मित्र मंडल ट्रस्ट की और से अन्य तपस्वियों ने बहुमान किया। संचालन प्रकाश मूणत एवं आयुष गंग ने किया। प्रवचन के दौरान श्री धर्मदास जैन श्री संघ सदस्यगण, श्री धर्मदास जैन मित्र मंडल ट्रस्ट, श्री सौभाग्य तीर्थ ट्रस्ट, श्री सौभाग्य जैन नवयुवक मंडल, श्री सौभाग्य प्रकाश युवक मंडल, श्री सौभाग्य जैन महिला मंडल, श्री सौभाग्य अणु बहु मंडल एवं श्री सौभाग्य प्रकाश बालक-बालिका मंडल के सदस्यगण उपस्थित रहे।

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