

राजगीर (नालंदा) । सर्व धर्म सत्संग केंद्र पिलखी के पास रक्षाबंधन के पावन पर्व पर भाई-बहन के अटूट प्रेम के साथ-साथ प्रकृति के प्रति प्रेम का भी अद्भुत नजारा देखने को मिला। राजगीर के बहनों ने इस बार कलाई के साथ साथ पेड़ों पर राखी बांधकर पर्यावरण संरक्षण का बड़ा संदेश दिया। “बहनों द्वारा एक पेड़ प्रकृति के नाम” अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा।
कार्यक्रम की शुरुआत में बहनों ने पेड़ों की पूजा-अर्चना की, उन्हें तिलक लगाया और रक्षा-सूत्र बांधकर उनके संरक्षण का संकल्प लिया। बहनों का कहना था कि जिस तरह भाई बहन की रक्षा करता है, उसी तरह पेड़ हमारी रक्षा करते हैं। हमें ऑक्सीजन, छाया, फल-फूल और जीवन देते हैं, इसलिए उनकी रक्षा करना भी हमारा धर्म है।
इस अवसर पर परम् पूज्य लौह पुरुष सोहम् मुनि जी महाराज साहब ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति में हमेशा से प्रकृति को माता के रूप में पूजा गया है। उन्होंने कहा, “यदि हम आज पेड़ नहीं लगाएंगे और उनकी रक्षा नहीं करेंगे, तो आने वाली पीढ़ियां हमें कभी माफ नहीं करेंगी। हर व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाना चाहिए और उसे पुत्र की तरह पालना चाहिए। उन्होंने उपस्थित लोगों से आह्वान किया ।
हरित भविष्य के लिए एक पेड़ लगाकर, आइए इस रक्षाबंधन पर हम केवल भाई-बहन के रिश्ते की रक्षा का संकल्प न लें, बल्कि धरती माता, पेड़-पौधों, जल, वायु और समस्त जीव-जगत की रक्षा का भी संकल्प लें। यही हमारी संस्कृति के प्रति सच्चा सम्मान और आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी।”
कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ लोगों को प्लास्टिक का उपयोग कम करने और जल संरक्षण के प्रति भी जागरूक किया गया।
इस मौके पर समाजसेवी रमेश कुमार पान, अनुराधा देवी, विश्वनाथ प्रसाद, उमा देवी, धर्मशीला कुमारी, प्रिशा कुमारी, नवल कुमार, चंदन कुमार सहित बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं, युवतियां और पर्यावरण प्रेमी उपस्थित थे।