मंत्री श्री चैतन्य काश्यप के विशेष प्रयासों से विद्युत अधोसंरचना विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

  • रतलाम शहर में नवीन 132/33 केव्ही अति उच्चदाब विद्युत उपकेन्द्र स्थापना का प्रस्ताव तैयार
  • बढ़ती आबादी और औद्योगिक विकास के अनुरूप विद्युत आपूर्ति क्षमता में होगा विस्तार

रतलाम 31 अगस्त । सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग, मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री श्री चैतन्य काश्यप के विशेष प्रयासों एवं प्राथमिकता के फलस्वरूप रतलाम शहर में विद्युत अधोसंरचना को और अधिक सुदृढ़ एवं सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, रतलाम (संचा-संधा) वृत्त द्वारा रतलाम शहर में नवीन 132/33 केव्ही अति उच्चदाब विद्युत उपकेन्द्र की स्थापना का प्रस्ताव तैयार किया गया है। यह प्रस्ताव ऊर्जा विभाग के समक्ष अंतिम स्वीकृति के लिए विचाराधीन है। प्रस्तावित उपकेन्द्र की अनुमानित लागत लगभग 100 करोड़ रुपये है।
SE MPEB श्री मनोज शर्मा ने बताया कि रतलाम जिला मुख्यालय पर 43 वर्ष पूर्व 19 दिसंबर 1983 को अंतिम बार अति उच्चदाब विद्युत उपकेन्द्र स्थापित किया गया था। उस समय रतलाम शहर की जनसंख्या लगभग 1 लाख 64 हजार थी, जो वर्तमान में बढ़कर लगभग 4 लाख हो गई है। बढ़ती आबादी के साथ शहर में व्यावसायिक एवं औद्योगिक गतिविधियों का लगातार विस्तार हो रहा है, जिसके कारण विद्युत मांग में भी निरंतर वृद्धि हो रही है।

औद्योगिक विकास के साथ लगभग 75 मेगावाट अतिरिक्त विद्युत भार की आवश्यकता

रतलाम में सोना, साड़ी एवं सेव जैसे पारंपरिक व्यवसायों के साथ दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे, मेगा इंडस्ट्रियल पार्क बिबड़ोद, एमपीआईडीसी, एमपीएलयूएन सहित विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों के विकास से आगामी वर्षों में औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। इन क्षेत्रों से जुड़े सहायक उद्योगों की स्थापना एवं निर्माण गतिविधियों के लिए लगभग 462 करोड़ रुपये के विकास कार्य अनुमानित हैं। साथ ही लगभग 75,400 करोड़ रुपये का संस्थागत निवेश प्रस्तावित है, जिससे लगभग 1 लाख 72 हजार व्यक्तियों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
इन विकास गतिविधियों के परिणामस्वरूप आगामी समय में लगभग 75 मेगावाट अतिरिक्त विद्युत भार की आवश्यकता अनुमानित है। वर्तमान में स्थापित 220/132 केव्ही रतलाम उपकेन्द्रों से इस अतिरिक्त विद्युत भार की पूर्ति करना संभव नहीं होगा। इसे दृष्टिगत रखते हुए नवीन 132/33 केव्ही अति उच्चदाब विद्युत उपकेन्द्र की आवश्यकता महसूस की गई है।
मंत्री श्री चैतन्य काश्यप द्वारा रतलाम के औद्योगिक एवं आर्थिक विकास के साथ-साथ आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विस्तार को निरंतर प्राथमिकता दी जा रही है। इसी क्रम में शहर की भविष्य की विद्युत आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नवीन उपकेन्द्र की स्थापना की पहल की गई है। इससे रतलाम के औद्योगिक क्षेत्रों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, आवासीय क्षेत्रों तथा बढ़ती आबादी को भविष्य में बेहतर एवं पर्याप्त विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
रतलाम शहर भौगोलिक दृष्टि से रेल एवं सड़क परिवहन का प्रमुख केन्द्र है तथा आगामी वर्षों में लॉजिस्टिक केन्द्र के रूप में विकसित होने की भी पर्याप्त संभावनाएं हैं। औद्योगिक विकास के साथ बाहरी अधिकारी, कर्मचारी एवं व्यवसायियों के निवास के लिए नए आवासीय क्षेत्रों के विकसित होने से भी विद्युत मांग में वृद्धि संभावित है।
नवीन 132/33 केव्ही अति उच्चदाब विद्युत उपकेन्द्र की स्थापना से रतलाम शहर एवं आसपास के क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। साथ ही आगामी औद्योगिक, व्यावसायिक एवं आवासीय विकास के लिए आवश्यक विद्युत अधोसंरचना मजबूत होगी। यह पहल रतलाम को औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों के लिए और अधिक सक्षम बनाने तथा शहर के सुनियोजित विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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