कड़वे प्रवचन के प्रणेता राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज का 8वां पुण्य स्मृति दिवस आज

इंदौर (राजेश जैन दद्दू) । विश्व में प्रसिद्ध अपने कड़वे प्रवचनों के लिए विश्व विख्यात, ओजस्वी वाणी से जन-जन के हृदय में स्थान बनाने वाले, सर्वप्रथम टी.वी. पर जिनके प्रवचन प्रसारित हुए ऐसे परम पूज्य राष्ट्रीय संत समाधिस्थ आचार्य श्री 108 तरुण सागर जी महाराज के 8 वें पुण्य स्मृति दिवस (स्मरण दिवस) पर भारत वर्षीय सकल जैन समाज श्रद्धा से नमन कर रहा है। धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने कहा कि परम पूज्य जन जन के आचार्य श्री का जीवन समाज सुधार, नैतिकता और क्रांतिकारी विचारों का संगम था। उन्होंने अपने प्रसिद्ध ग्रंथ “कड़वे प्रवचन” के माध्यम से समाज की कुरीतियों पर निर्भीकता से प्रहार किया और सत्य, अहिंसा और संयम का मार्ग दिखाया। आज स्मरण दिवस पर देशभर के जिनालयों और संस्थाओं में गुरु गुणानुवाद सभा, पूजन और उनके प्रवचनों का स्मरण किया जा रहा है। वरिष्ठ समाजसेवी डॉ जैनेन्द्र जैन ने कहा कि वे राष्ट्र संत के साथ साथ जन जन के संत कहलाते थे।राष्ट्रीय जिनशासन एकता संघ एवं भारत वर्षीय सकल जैन समाज की ओर से उनके पावन चरणों में बारम्बार नमोस्तु, नमोस्तु, नमोस्तु।