


रतलाम। प्रधानमंत्री कौशल केन्द्र रतलाम में संचालित पी.एम. विश्वकर्मा एडवांस प्रशिक्षण केन्द्र पर जय कैला माता शैक्षणिक एवं सामाजिक कल्याण समिति रतलाम द्वारा संचालित आरोग्य प्रकोष्ठ एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय, जिला न्यायालय परिसर रतलाम के संयुक्त प्रयासों से तथा जिला आपदा प्रबंधन एवं संकटमोचन बल रतलाम के सकारात्मक सहयोग से आपदा प्रबंधन एवं संकट की परिस्थितियों से निपटने हेतु विशेष वर्कशॉप का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ आपदा प्रबंधन एवं संकटमोचन बल के सदस्यों रामलाल कटारा, दिनेश डाबी, अजय मईडा, विदेश डामर, मनीष भाभर एवं देवेन्द्र सिंह राठौर के स्वागत के साथ किया गया। इस अवसर पर अतिथियों का पुष्पमाला पहनाकर अभिनंदन किया गया।
कार्यशाला के दौरान संकटमोचन बल के सदस्यों द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को विभिन्न प्रकार की आपदाओं एवं आकस्मिक परिस्थितियों में स्वयं की तथा दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सावधानियों एवं बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षणार्थियों को प्रेक्टिकल डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से आपदा से निपटने, प्राथमिक बचाव तथा संकट की स्थिति में त्वरित एवं सुरक्षित तरीके से कार्य करने का प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
कार्यशाला से लगभग 127 प्रशिक्षणार्थी लाभान्वित हुए। प्रशिक्षणार्थियों ने आपदा प्रबंधन से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण में उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा संकट की परिस्थितियों में सही निर्णय लेने एवं बचाव कार्य करने की जानकारी प्राप्त की।
इस अवसर पर प्रशिक्षण केन्द्र की सुश्री राखी सेन, रिफाकत अंसारी एवं वैदिक शर्मा की विशेष सहभागिता रही। कार्यक्रम का संचालन संस्था संस्थापक रौनक जैन ने किया। कार्यक्रम के अंत में पैरा लीगल वालेंटियर पं. विजय हेमकांत शर्मा ने सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों एवं प्रशिक्षणार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं एवं प्रशिक्षणार्थियों में हुनर के साथ-साथ आपदा के समय सजगता, आत्मविश्वास, सुरक्षा एवं मानव जीवन की रक्षा के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना रहा।
“हुनर से होगा देश का नवनिर्माण, और जागरूकता से सुरक्षित होगा समाज।”