अभिलेखों के सुरक्षित संरक्षण, व्यवस्थित संधारण एवं त्वरित उपलब्धता हेतु आदेश जारी

रतलाम 3 सितंबर । कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया ने जिले के विभिन्न कार्यालयों/भवनों, विशेषकर पुराना कलेक्ट्रेट, पुराना तहसील कार्यालय रतलाम एवं नजूल कार्यालय आदि में जिला स्तरीय महत्वपूर्ण एवं मूल राजस्व अभिलेख वर्तमान में विभिन्न स्थानों पर रखे, अभिलेखों के सुरक्षित संरक्षण, सुव्यवस्थित संधारण, आवश्यकता के समय त्वरित उपलब्धता तथा महत्वपूर्ण मूल अभिलेखों के बिखरे हुए भंडारण को समाप्त करने के उद्देश्य से उक्त अभिलेखों को कलेक्ट्रेट भवन की प्रथम मंजिल पर चिह्नित नवीन निर्धारित जिला अभिलेखागार में एक स्थान पर संकलित करने का आदेश जारी किया है।
प्रथम चरण में जिला स्तरीय एवं मूल राजस्व अभिलेखों की निम्न श्रेणियों को चिन्हित कर जिला अभिलेखागार में स्थानांतरित किया जाएगा, जिनमें मिसल बंदोबस्त, अधिकार अभिलेख, नामांतरण पंजियां, मूल राजस्व नक्शे एवं मूल नजूल अभिलेख शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त स्थानांतरण की कार्यवाही के दौरान यदि कोई अन्य अत्यंत महत्वपूर्ण, स्थायी प्रकृति का अथवा ऐतिहासिक राजस्व अभिलेख प्राप्त होता है, तो प्रभारी अधिकारी के अनुमोदन से उसे भी जिला अभिलेखागार में संधारित किया जा सकेगा।
इस संपूर्ण कार्य के लिए अपर कलेक्टर जिला रतलाम सुश्री वैशाली जैन को सम्पूर्ण जिला हेतु, जिला अभिलेखागार व्यवस्थापन अधिकारी नियुक्त किया है। प्रभारी अधिकारी द्वारा समस्त संबंधित शाखाओं, तहसील कार्यालय, नजूल शाखा एवं भू-अभिलेख शाखा के मध्य समन्वय स्थापित कर अभिलेखों की पहचान, सूचीकरण, सत्यापन, स्थानांतरण एवं नवीन रिकॉर्ड रूम में व्यवस्थित संधारण सुनिश्चित किया जाएगा।
प्रभारी अधिकारी को उक्त कार्य के सुव्यवस्थित एवं समयबद्ध क्रियान्वयन हेतु आवश्यकतानुसार संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने, कार्य-विभाजन करने, पृथक-पृथक दल गठित करने तथा आवश्यक निर्देश जारी करने का अधिकार होगा। प्रभारी अधिकारी संबंधित शाखाओं/कार्यालयों से आवश्यक अभिलेख, सूची, मानव संसाधन, वाहन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित कर सकेंगी। उनके द्वारा जारी ड्यूटी आदेश एवं कार्य संबंधी निर्देश संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों पर बाध्यकारी होंगे।
अधीक्षक भू-अभिलेख, तहसीलदार, प्रभारी अधिकारी नजूल तथा संबंधित शाखा प्रभारी अपने-अपने नियंत्रण में उपलब्ध उपर्युक्त अभिलेखों की पूर्ण सूची तैयार कर प्रभारी अधिकारी को उपलब्ध कराएंगे तथा स्थानांतरण की निर्धारित कार्यवाही में आवश्यक कर्मचारी एवं संसाधन उपलब्ध कराएंगे।
अभिलेखों को स्थानांतरित करने से पूर्व संबंधित कार्यालय द्वारा प्रत्येक अभिलेख का नाम अथवा प्रकार, वर्ष अथवा अवधि, तहसील/ग्राम/हल्का, जहां लागू हो, बस्ता/बंडल/रजिस्टर संख्या, कुल पृष्ठ अथवा नक्शों की संख्या, जहां संभव हो, तथा अभिलेख की भौतिक स्थिति का विवरण तैयार किया जाएगा। प्रत्येक बस्ता/बंडल/रजिस्टर को क्रमांकित कर उसकी हस्तांतरण सूची तैयार की जाएगी। अभिलेख देने वाले तथा प्राप्त करने वाले अधिकारी/कर्मचारी दोनों द्वारा सूची पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। पुराने, क्षतिग्रस्त अथवा जीर्ण-शीर्ण नक्शों एवं अभिलेखों को पृथक चिन्हित कर उनके सुरक्षित संरक्षण हेतु आवश्यक उपाय प्रभारी अधिकारी द्वारा सुनिश्चित किए जाएंगे।
नवीन जिला अभिलेखागार में अभिलेखों को अभिलेख के प्रकार, तहसील, वर्ष एवं ग्रामवार, जहां लागू हो, वैज्ञानिक एवं क्रमबद्ध पद्धति से रखा जाएगा। प्रत्येक रैक/अलमारी को स्पष्ट क्रमांक एवं विवरण दिया जाएगा तथा उसका Master Index तैयार किया जाएगा, जिससे किसी अभिलेख की स्थिति तत्काल ज्ञात हो सके।
जिला अभिलेखागार में स्थानांतरण के पश्चात किसी भी मूल अभिलेख को बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति एवं Movement Register में प्रविष्टि के बाहर नहीं निकाला जाएगा। अभिलेख प्राप्त करने वाले अधिकारी/कर्मचारी का नाम, प्रयोजन, निर्गमन दिनांक तथा वापसी दिनांक अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाएगा।