- नशे की सामग्री रोकने हेतु पुलिस चेक पोस्ट सामान जांच, यात्री पंजीकरण, सीसीटीवी कैमरे आदि प्रमुख मांगो पर हो अतिशीघ्र कार्यवाही
- विश्व जैन संगठन की विशेष सभा में मागों के समर्थन में निर्णय
- सीए विपुल जैन बने संगठन की दिल्ली युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष


नई दिल्ली। विश्व जैन संगठन के सैनी एनक्लेव, दिल्ली स्थित कार्यालय में 6 सितंबर को संगठन के सदस्यों एवं सहयोगियों की विशेष सभा में 20 जैन तीर्थंकरों और अनंत संतों की मोक्षस्थल श्री सम्मेद शिखर जी “पारसनाथ पर्वतराज” की पवित्रता एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए केंद्रीय वन मंत्रालय एवं झारखंड सरकार से संगठन द्वारा निवेदित की गई मागों पर विस्तृत चर्चा हुई।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री संजय जैन ने सभा को 27 अगस्त 2026 को प्रधानमंत्री, केंद्रीय वन मंत्रालय, झारखंड सरकार, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग एवं दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग को प्रेषित पत्र और नोएडा प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता की जानकारी देते हुए बताया कि तीर्थ क्षेत्र कमेटी द्वारा अपने फेसबुक पेज पर 3 सितंबर 2026 को गिरिडीह उपायुक्त से मीटिंग के निर्णय में अन्य किसी भी आवश्यक मांग माने जाने का उल्लेख किए बिना मात्र तलहटी में नियमावली के बोर्ड लगाने की सूचना प्रकाशित की गई जबकि 17 सितंबर को कमेटी के महामंत्री द्वारा पर्वतराज के लिए उपयुक्त से कानून व्यवस्था सहित विभिन्न मांगो का उल्लेख शंका समाधान कार्यक्रम में किया गया था।
तीर्थराज की पवित्रता के लिए यात्राओं के पंजीकरण और प्रवेश द्वार पर सामान जांच के लिए पुलिस चेक पोस्ट और बाइक संचालन आदि पर प्रतिबंध की माँग की जा रही है। यह मांग किसी अधिकार के लिए नहीं है। स्थानीय निवासी भी पर्वतराज के प्रति पूर्ण श्रद्धा रखते है और पर्वतराज की पवित्रता के लिए अवश्य सहयोग करेंगे। विशेष सभा में श्री विपुल जैन सीए, मौजपुर को संगठन की युवा प्रकोष्ठ का दिल्ली अध्यक्ष नियुक्त किए जाने की घोषणा की गई।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री यश जैन, राष्ट्रीय महामंत्री राहुल जैन, राष्ट्रीय मंत्री अनुज जैन, कोषाध्यक्ष मयंक जैन, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी आकाश जैन, युवा प्रकोष्ठ उपाध्यक्ष निपुण जैन, सम्मानित सदस्य अभिषेक जैन, विशेष सहयोगी अरविंद जैन नीरज जैन विश्वास नगर, संगठन की लक्ष्मी नगर शाखा अध्यक्ष अतुल जैन, सदस्य प्रिंस जैन, अनंत जैन और उपस्थित सभी सदस्यों ने गाइडलाइन बोर्ड के साथ तीर्थराज की सुरक्षा हेतु सभी मांगो के समर्थन में दी गई समय सीमा के बाद अगामी कार्यवाही करने की मांग की।