

रतलाम । अनुभूति संस्था अपने श्रेष्ठ साहित्यिक आयोजनों के कारण रतलाम जिले में अपनी विशिष्ट पहचान बना रही है, जो अपने आप में महत्वपूर्ण है। अष्टम पावस काव्य गोष्ठी में रचनाकारों ने बहुत ही उत्कृष्ट रचनाएँ कविता, गीत, गजल प्रस्तुत कर इतिहास रच दिया है। यह बात सुप्रसिद्ध गीतकार एवं संगीतज्ञ डॉ. प्रकाश उपाध्याय (नेत्र रोग विशेषज्ञ जावरा) ने साहित्यिक संस्था अनुभूति द्वारा स्वर्ण जयन्ति वर्ष के अन्तर्गत श्री तेजेश्वर महादेव मंदिर डोंगरे नगर रतलाम पर आयोजित वृहत जिला स्तरीय अष्टम पावस काव्य गोष्ठि में मुख्य अतिथि के रुप में कही।
कार्यक्रम के विशेष अतिथि श्रीमती ब्रजेश माथुर (सैलाना) ने कहा कि अनुभूति संस्था का यह आयोजन अनुकरणीय एवं सराहनीय है। विशेष अतिथि शायर डॉ. वसीम वाहिद (धराड़) ने कहा कि अनुभूति संस्था का यह आयोजन हिन्दी, उर्दु संस्कृति की गंगा जमनी परम्परा का बेहतर उदाहरण है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ष्ठ साहित्यकार एवं समीक्षक श्री प्रणयेश जैन ने कहा कि अनुभूति संस्था की पावस गोष्ठि में रचनाकारों ने एक से एक बढ़कर अपने गीत, कविता, व्यंग्य और गजलों की प्रस्तुति दी जो वर्षों बाद देखने को मिली।
वृहत जिला स्तरीय पावस काव्य गोष्ठि में सर्व श्री सिद्धिक रतलामी, हरिशंकर भटनागर, डॉ. सुरेशसिंह ठाकुर सालिव, डॉ. मोहन परमार, डाँ. शोभना तिवारी, डाँ. गीता दुबे, शायर फजल हयात (जावरा) बाबुलाल परमार रावटी) दिलीपकुमार जोशी दीप (सरवन) दिनेश कुमार जैन, राजेश रावल, लक्ष्मण पाठक, शिवराज जोशी, मोदीराम सोलंकी एकांत, कैलाश वशिष्ठ, हीरालाल खराड़ी, सुभाष यादव, अखिलचंद्र शर्मा स्नेही, मणिलाल पोरवाल, शांतिलाल गोयल शांतनु, रामचन्द्र गेहलोत अम्बर, प्रकाश हेमावत, अकरम शेरानी, जवेरीलाल गोयल, श्रीमती पुष्पलता शर्मा पुष्प, श्रीमती साधना परमार, श्रीमती पुष्पलता शर्मा स्नेही, बालकृष्ण तिवारी, छत्रपालसिंह बडोदा, ब्रजेश कुमार गोड आदि ने अपनी श्रेष्ठ रचनाओं का काव्य पाठ किया।
प्रारंभ में अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिकृति पर दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की। संस्था द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया। इस अवसर पर सुश्री शिवकांता भदोरिया, डाँ. देवाशिष माथुर, राजेन्द्र कुमार माथुर, राजेन्द्र सेन अविरल, विश्वास शर्मा, जगदीश चौहान, श्रीमती जया शक्तावत, जयसिंह झाला, पूर्व पार्षद सत्यदीप भट्ट, अजय सोनी सहित जावरा, रावटी, सैलाना, सरवन, धराड़, ग्राम बडोदा आदि स्थानों के साहित्कार एवं प्रबुद्ध वर्ग के व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन अब्दुल सलाम खोकर ने किया तथा अन्त में आभार मुकेश सोनी ने माना।