जन्म वाचन के बाद झूमे श्रद्धालु, लगाए केसर कुमकुम के छापे
रविवार को दादावाड़ी में होगा जन्म वाचन


बड़ावदा (शिरीष सकलेचा) । जैन समाज द्वारा पर्यूषण पर्व के पांचवें दिन श्रवण भगवान महावीर स्वामी का जन्म वाचन श्री आदिनाथ जिन मंदिर एवं समता भवन में धूमधाम से मनाया गया। श्री आदिनाथ जिन मंदिर में दोपहर तीन बजे से जन्मवाचन का कार्यक्रम शुरू हुआ। इस अवसर पर भगवान की विशेष अंगरचना की गई। जिसका लाभ राकेश कांतिलाल चत्तर परिवार ने लिया।
गूंजे त्रिशला नंदन के जयकारे_
आराधना भवन में कल्प सूत्र का वाचन कर रहे राज चंडालिया ने 14 स्वप्न का महत्व बताया। लाभार्थी परिवार ने सभी को 14 स्वप्न के दर्शन कराए। उसके बाद भगवान महावीर के जन्म होने की खबर की उद्घोषणा कल्प सूत्र के वाचक चंडालिया ने की तो समाजजनों ने त्रिशला नंदन वीर की, जय बोलो महावीर की जयकारे लगाकर नृत्य किए।
मान्य जेनिश भाई वोहरा, सूरत
काम्य सुरेश भाई दोषी, सूरत ने भी जन्म वाचन पर अपने विचार प्रकट किए।समाजजनों ने अक्षत को कल्प सूत्र पर चढ़ाए। जन्म वाचन के बाद द्वार खोलकर प्रथम दर्शन के लाभार्थी कांतिलाल चत्तर परिवार ने श्री संघ के साथ दर्शन किए। उसके बाद मंदिर में महा आरती हुई।सुशील मोहनलाल सकलेचा परिवार ने सभी को केसर कुमकुम के छापे लगाये। पंजेरी, खोपरे की प्रसाद वितरित की गई।भगवान को पालने(झूले) में लेकर लाभार्थी नरेन्द्र सकलेचा परिवार चल समारोह के साथ दादावाड़ी पहुंचे। मीडिया प्रभारी शिरीष सकलेचा ने बताया कि श्री संघ का स्वामीवात्सल्य आयोजित किया गया। भगवान महावीर को मानमल सकलेचा परिवार द्वारा सर्वप्रथम पालने में झुलाया गया।
रात्रि में प्रभु भक्ति हुई।रजत सांड ने बताया कि समता भवन मे भी जन्म वाचन के बाद कुमकुम के छापे लगाकर प्रसाद बाटी गई। लसुडिया जंगली में भी जिन मंदिर पर भगवान महावीर स्वामी जन्मवाचन मनाया गया। जैन अजैन बंधु उपस्थित थे।
आज दादावाड़ी में होगा जन्मवाचन_
रविवार को श्री जय शेखर धाम दादावाड़ी पर महावीर जन्मउ वाचन के अंतर्गत कई कार्यक्रम होंगे। सायं 4 बजे से जन्मवाचन शुरू होगा। उसके बाद श्री संघ का स्वामी वात्सल्य भी होगा।