राजस्थान सरकार का सराहनीय निर्णय, जैन पर्वों पर मांस बिक्री व बूचड़खाने बंद

15 सितंबर पर्युषण-सांवत्सरी, 25 सितंबर अनंत चतुर्दशी और 27 सितंबर क्षमावाणी पर्व पर प्रतिबंध के लिए आभार – मध्यप्रदेश में भी इसी तरह के आदेश की मांग : राजेश जैन दद्दू

इंदौर। अहिंसा और जीवदया के महापर्वों पर राजस्थान सरकार द्वारा लिया गया निर्णय पूरे भारत वर्षीय जैन समाज के लिए हर्ष का विषय है। राजस्थान सरकार ने दिनांक 15 सितंबर 2026 को पर्युषण पर्व एवं संवत्सरी महापर्व, दिनांक 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी एवं दिनांक 27 सितंबर 2026 को क्षमावाणी पर्व के पावन अवसर पर राजस्थान के समस्त बूचड़खानों एवं मांस-मछली की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का राजस्थान सरकार ने आदेश जारी किया है।
इस निर्णय का राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ के प्रचारक राजेश जैन दद्दू,मंयक जैन, एवं राकेश गोहिल ने हृदय से स्वागत एवं आभार व्यक्त किया है।*जिन शासन एकता संघ के राष्ट्रीय प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने कहा –

“हम राजस्थान के यशस्वी मुख्यमंत्री एवं राज्य सरकार का तहे दिल से आभार व्यक्त करते हैं। जैन धर्म का मूल सिद्धांत अहिंसा परमो धर्म: है। पर्युषण, संवत्सरी और क्षमावाणी आत्मशुद्धि, क्षमा और जीवदया के पर्व हैं। इन पवित्र दिनों में जीव हिंसा पर रोक लगाना न केवल जैन समाज की भावनाओं का सम्मान है, बल्कि भारतीय संस्कृति की ‘जियो और जीने दो’ की भावना का भी सम्मान है।
राजस्थान सरकार ने यह सिद्ध कर दिया है कि सरकार सभी धर्मों की भावनाओं का सम्मान करती है। यह निर्णय करोड़ों शाकाहारी और जैन समाजजनों की भावनाओं को सुकून देने वाला है।”

मध्यप्रदेश सरकार से भी मांग – राजेश जैन दद्दू ने इसी तर्ज पर *मध्यप्रदेश सरकार से भी मांग की है कि मध्यप्रदेश में भी जैन पर्वों पर इसी तरह का आदेश जारी किया जाए।
दद्दू ने कहा – “मध्यप्रदेश हृदय प्रदेश है और यहाँ भी बड़ी संख्या में जैन समाज निवास करता है। इंदौर, भोपाल, जबलपुर, सागर, अशोक नगर, उज्जैन सहित पूरे प्रदेश में दसलक्षण महापर्व पर्युषण बड़ी श्रद्धा और भक्ति से मनाया जाता है। हमारी मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी से विनम्र मांग है कि राजस्थान की तरह मध्यप्रदेश में भी 15 सितंबर पर्युषण-संवत्सरी, 25 सितंबर अनंत चतुर्दशी और 27 सितंबर क्षमावाणी पर्व पर समस्त बूचड़खाने, मांस-मछली की दुकानें और शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।”समाज के वरिष्ठ समाजसेवी डॉ जैनेन्द्र जैन ने कहा कि यह केवल जैन समाज की मांग नहीं, बल्कि अहिंसा में विश्वास रखने वाले सभी समाजों की मांग है। इससे प्रदेश में अहिंसा, शाकाहार और करुणा का संदेश और मजबूत होगा। राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ ने इस हेतु मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव एवं नगरीय प्रशासन विभाग को पत्र भेजकर कर मांग की है ।

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