दान करे, अपने उपर उपकार करे और जीवन का आनंद ले- श्रमण संघीय प्रवर्तक श्री प्रकाशमुनिजी मसा

रतलाम 13 सितंबर। मालव केसरी पूज्य गुरुदेव सौभाग्यमल जी मसा के सुशिष्य, रत्नपुरी के रत्न, श्रमण संघीय प्रवर्तक पूज्य श्री प्रकाश मुनिजी मसा निर्भय की निश्रा में पर्वाधिराज पर्यूषण का छठा दिन दान दिवस के रूप में मना। प्रवर्तकश्री ने दान की प्रेरणा देते हुए कहा कि दान करना अपने उपर उपकार करने जैसा है। इसलिए अधिक से अधिक दान करे, अपने उपर उपकार करे और जीवन का आनंद ले।
प्रवर्तकश्री की प्रेरणा से इस मौके पर कई धर्मालुजनों ने आयंबिल खाता, पक्षी चुग्गा खाता, जीवदया और सौभाग्य साधर्मिक सहायता केन्द्र को दान किया। मोहन टाकीज स्थित श्री सौभाग्य प्रकाश दरबार मे आयोजित पर्यूषण पर्व की विशाल धर्मसभा को संबोधित करते हुए प्रवर्तकश्री ने कहा कि हम किसी का दुख मिटा नहीं सकते, लेकिन जितना भी कर सकते है, उतना करना चाहिए। पुण्य फले, तो श्रावकों को अपना धन तीन जगह भूखे को भोजन, बीमार की औषधि और जरूरतमंदों को शिक्षा में लगाना चाहिए। हमारे समाज में कई ऐसे लोग है, जिन्होंने परहित के लिए सर्वत्र न्यौछावर किया है। श्रावक के बल के बिना वे भी कुछ नहीं कर पाते है। रतलाम में पूर्वजों के प्रयासों से बनी परोपकारी संस्थाएं बनी थी, वे आज भी निरंतर चल रही है।
प्रवर्तकश्री ने कहा कि दान धर्म भी होता है और दान पुण्य भी होता है। लेकिन दोनो का पर्याय अलग है। पुण्याई पाप के बिना पैदा नहीं होती। पैसा कमाने में कई तरह के पाप करने पडते है। पैसा भले ही पुण्य से आता है, लेकिन आता तो पाप के रास्ते से ही, इसलिए शुभ भाव से यदि इसे दान करते है, तो पुण्य बंध जाता हैं। दान-धर्म करके भूलना भी चाहिए। यदि याद रखा और हिसाब लगाया तो ऐसा पुण्य काम नहीं आएगा।
धर्मसभा को प्रवचन प्रभाविका श्री सुमनप्रभाजी मसा एवं महासती श्री चंदनबालाजी मसा ने भी संबोधित किया। आरंभ में महासती श्री विभाजी मसा ने शास्त्र का पाठ किया। इस मौके पर तपस्वियों ने प्रवर्तकश्री से अलग-अलग तपस्या के प्रत्याख्यान लिए। धर्मसभा के दौरान प्रवचन प्रभाविका श्री सुमनप्रभाजी मसा ठाणा-8, महासती श्री चंदनबालाजी मसा, महासती श्री कल्पनाजी मसा एवं सेवाभावी श्री दर्शनमुनिजी मसा मंचासीन रहे। धर्मसभा का संचालन प्रकाश मूणत द्वारा किया गया। इस अवसर पर श्री धर्मदास जैन श्री संघ के सदस्यगण, श्री धर्मदास जैन मित्र मंडल ट्रस्ट, श्री सौभाग्य तीर्थ ट्रस्ट, श्री सौभाग्य जैन नवयुवक मंडल, श्री सौभाग्य प्रकाश युवक मंडल, श्री सौभाग्य जैन महिला मंडल, श्री सौभाग्य अणु बहु मंडल एवं श्री सौभाग्य प्रकाश बालक-बालिका मंडल के सदस्यगण उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *