गणेश चतुर्थी को लेकर तैयारियों में जुटे आयोजक, मूर्तियों को लेने आ रहे दूर दूर से

तिथि की घटबड़ से हरतालिका तीज भी साथ, 26 साल में तीसरी बार बना संयोग

बड़ावदा (शिरीष सकलेचा)। तिथि की गड़बड़ के कारण इस वर्ष गणेश चतुर्थी एक दिन पहले मनाई जाएगी। 14 सितम्बर को गणेश चतुर्थी के आयोजन जगह जगह होंगे। गणपति बप्पा के भक्त गणेश उत्सव की तैयारियों में जुट गए हैं।

मूर्तियों को अंतिम रूप देने लगे कलाकार…
नगर के प्रजापत समाज के लोग गणेश जी की मूर्तियों को अभी तक अंतिम रूप देने में लगे है। हालांकि थोक में मूर्तियां अधिकतर बिक चुकी हैं। खेरची में अब मूर्तियां बिकेगी। नगर में लगभग आधा दर्जन प्रजापति समाज के लोग मूर्तियां बनाते है। समाज के राजेंद्र सोलंकी, शांतिलाल सोलंकी ने बताया कि 6 फीट तक की बड़ी मूर्तियां बनाई गई है। बड़ावदा कि मूर्तियां प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों में भी जाती है। इस वर्ष भाव में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई है। मांग अच्छी है। जिससे मूर्ति बनाने वाले कलाकारों को बिल्कुल फुर्सत नहीं है। गणेश चतुर्थी के बाद नवरात्रि की तैयारियों में प्रजापति समाज के लोग व्यस्त हो जायेंगे।

26 साल बाद बना संयोग….
तिथि घटबड़ के चलते 26 साल में तीसरी बार इस बार हरतालिका तीज व गणेश चतुर्थी एक साथ होगी। इसके पहले 2000 और 2023 में यह संयोग बना था। पंडित कपिल पौराणिक ने बताया कि गणेश जी की स्थापना 14 सितम्बर को होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *