पर्युषण पर्व में आत्मशुद्धि की साधना, कस्तूर धाम में 163 श्रद्धालुओं ने की सामायिक आराधना

जावरा (अभय सुराणा) । पूज्य उपाध्याय गौतम मुनि की प्रेरणा से पूज्य उपाध्याय गुरु कस्तूर मुनि पावन धाम में प्रति रविवार आयोजित सामायिक आराधना के 17वें सप्ताह का आयोजन पर्युषण पर्व मे हुआ। इस अवसर पर 163 श्रद्धालुओं ने सामायिक कर धर्मलाभ लिया। सामायिक में नवकार जाप, भक्ताम्बर स्तोत्र, कस्तूर मुनि जाप एवं दिवाकर जाप चालीसा का सामूहिक पाठ किया गया।
पर्युषण पर्व आत्मचिंतन, आत्मशुद्धि एवं संयम की साधना का पर्व है। सामायिक के माध्यम से श्रद्धालुओं ने राग-द्वेष से विरत होकर आत्मावलोकन एवं आत्मकल्याण की साधना की। इस अवसर पर जावरा श्रीसंघ में पर्युषण पर्व के दौरान धर्म आराधना करवाने पधारे स्वाध्यायी भाई श्री लाभचंदजी नपावलिया, श्री लालचंदजी बाफना एवं श्री सांवरमलजी कांठेड़ की विशेष उपस्थिति रही। प्रभावना के लाभार्थी स्वर्गीय प्यारचंद जी चपड़ोद एवं स्वर्गीय श्रीमती सूरजबाईजी चपड़ोद की पावन पुण्य स्मृति में श्री बसंतीलालजी, रुपेशजी, दर्शीलजी एवं मृदुलजी चपड़ोद परिवार रहा।
धाम के अध्यक्ष श्री राकेश मेहता, महामंत्री श्री सुजानमल कोचट्टा एवं कोषाध्यक्ष श्री पारसमल गादिया ने समाजजनों से अधिक से अधिक संख्या में सामायिक आराधना से जुड़ने की अपील की। ट्रस्ट मंडल के पदाधिकारियों ने बताया कि कस्तूर मुनि पावन धाम के द्वितीय चरण का निर्माण कार्य निरंतर गतिमान है। उन्होंने समाजजनों से आग्रह किया कि धाम में पधारकर निर्माण कार्य का अवलोकन कर इस आध्यात्मिक प्रकल्प की प्रगति के सहभागी बनें तथा अपनी श्रद्धा एवं सहयोग से धाम के विकास में योगदान दें। धर्म आराधना के साथ सेवा और सहयोग की यह भावना ही पावन धाम को समाज की सामूहिक आस्था का केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उक्त जानकारी प्रकल्प संयोजक सुभाष टुकड़िया, नितिन कोलन एवं राकेश कोचट्टा ने दी। कार्यक्रम का सफल संचालन सुभाष टुकड़िया ने किया

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