स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना 500 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये किया गया

रतलाम, 18 सितंबर। रेलवे परिसरों एवं ट्रेनों में स्वच्छता बनाए रखने तथा यात्रियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से भारतीय रेल द्वारा रेलवे स्टेशनों एवं ट्रेनों में गंदगी फैलाने पर लगाए जाने वाले जुर्माने की राशि बढ़ाकर 1,000 रुपये कर दी गई है। यह प्रावधान भारत सरकार के राजपत्र माध्यम से अधिसूचित किया गया है।
पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी श्री मुकेश कुमार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार पूर्व में रेलवे परिसर में स्वच्छता संबंधी प्रावधानों के उल्लंघन पर अधिकतम 500 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाता था, जिसे अब बढ़ाकर 1,000 रुपये कर दिया गया है। यदि संबंधित व्यक्ति द्वारा जुर्माने की राशि का भुगतान नहीं किया जाता है, तो उसे सक्षम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है, जहां न्यायालय द्वारा 2,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
रेलवे परिसर एवं ट्रेनों में इन गतिविधियों पर रोक
रेलवे स्टेशनों, रेलवे परिसर एवं ट्रेन के डिब्बों में निर्धारित स्थानों को छोड़कर कचरा या गंदगी फेंकना अथवा छोड़ना प्रतिबंधित है। इसके अलावा रेलवे परिसर में खाना पकाना, स्नान करना, थूकना, पेशाब करना, शौच करना, पशुओं अथवा पक्षियों को खाना खिलाना, वाहनों, बर्तनों अथवा कपड़ों को धोना तथा व्यक्तिगत सामान का अनधिकृत रूप से भंडारण करना भी प्रतिबंधित है।
इसी प्रकार, उचित अनुमति के बिना ट्रेन के डिब्बों अथवा रेलवे की संपत्ति पर पोस्टर चिपकाना, लिखना या चित्र बनाना भी प्रतिबंधित है। रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने अथवा उसे विकृत/गंदा करने वाले किसी भी कृत्य पर संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
विक्रेताओं एवं हॉकर्स की भी जिम्मेदारी
रेलवे परिसर में कार्यरत अधिकृत विक्रेताओं एवं हॉकर्स के लिए अपने परिसर में डस्टबिन अथवा कचरा पात्र रखना तथा उससे उत्पन्न कचरे का उचित निस्तारण सुनिश्चित करना आवश्यक है।
पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल द्वारा यात्रियों से अपील की गई है कि वे रेलवे स्टेशन एवं ट्रेनों में स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें तथा कचरा केवल निर्धारित डस्टबिन अथवा कचरा पात्र में ही डालें। स्वच्छ रेल परिसर यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है।