अनुभवों की धरोहर का सम्मान, श्वेतांबर जैन वरिष्ठ महासंघ ने किया सुपर सीनियर सिटीजन का अभिनंदन

  • 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठजनों का माला-शाल से सम्मान
  • पहली बार तीनों वर्गों के सुपर सीनियर सिटीजन एक मंच पर हुए सम्मानित

जावरा (अनमोल सुराणा) । सुपर सीनियर सिटीजन दिवस के अवसर पर श्री श्वेतांबर जैन वरिष्ठ महासंघ द्वारा गौतम टेंट हाउस पर सादे किंतु गरिमापूर्ण सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में संस्था से जुड़े 80 वर्ष से अधिक आयु के सुपर सीनियर सिटीजन का माला पहनाकर एवं शाल ओढ़ाकर आत्मीय सम्मान किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सभी सुपर सीनियर सिटीजन के करकमलों से दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर सभी के सुख, शांति, उत्तम स्वास्थ्य एवं मंगलमय जीवन की कामना की गई। समारोह में आनंदीलाल- श्रीमतीचमेली देवी संघवी, चंदनमल कोठारी, बृजलालजी-श्रीमती सुधा जी कांठेड़, मनोहरलाल श्रीमती शांताबाई नाहटा, , रमेशचंद -श्रीमती प्रेमलता जैन, श्रीमती रमिला देवी स्व. सरदारमल जी जैन आदि सीनियर सिटीजन का सम्मान किया गया।
महासंघ के अध्यक्ष अभय सुराणा ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि “सुपर सीनियर सिटीजन हमारे समाज की अमूल्य धरोहर हैं। इनके जीवन का प्रत्येक वर्ष अनुभव, संघर्ष, त्याग और संस्कारों की एक कहानी कहता है। इन्होंने अपने जीवनकाल में परिवार और समाज को जो संस्कार एवं दिशा दी है, वह किसी भी संपत्ति से कहीं अधिक मूल्यवान है। आज आवश्यकता है कि नई पीढ़ी इन वरिष्ठजनों के अनुभवों से सीखे और उनके प्रति सम्मान एवं आत्मीयता का भाव बनाए रखे। महासंघ का प्रयास है कि वरिष्ठजनों को केवल सेवा नहीं, बल्कि सम्मान, अपनापन और यह विश्वास भी मिले कि समाज को आज भी उनके अनुभवों और मार्गदर्शन की उतनी ही आवश्यकता है। आज का यह आयोजन उसी कृतज्ञता की अभिव्यक्ति है।”
संस्था के चार्टर मेंबर श्री बृजलालजी कांठेड़ ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि “किसी संस्था की वास्तविक प्रगति तब दिखाई देती है, जब वह अपने मूल उद्देश्यों और संस्कारों को साथ लेकर आगे बढ़ती है। वर्तमान में अध्यक्ष अभय सुराणा के नेतृत्व में महासंघ जिस प्रकार सेवा, सामाजिक सरोकार और वरिष्ठजनों के सम्मान को प्राथमिकता दे रहा है, उसे देखकर मन अत्यंत प्रसन्न होता है। आज हम वरिष्ठजनों को सम्मानित कर संस्था ने हमारे जीवन के अनुभवों और योगदान को सम्मान दिया है। यह माला और शाल हमारे लिए केवल सम्मान की वस्तुएं नहीं, बल्कि संस्था के स्नेह और आत्मीयता का प्रतीक हैं।”
श्री आनंदीलाल संघवी ने कहा कि “वरिष्ठ नागरिकों के जीवन की सबसे बड़ी पूंजी उनका अनुभव होता है। यदि उस अनुभव का लाभ अगली पीढ़ी को मिले तो यही हमारे जीवन की सबसे बड़ी सार्थकता है। आज महासंघ ने सभी वर्गों के सुपर सीनियर सिटीजन को एक साथ सम्मानित कर जो आत्मीयता दिखाई है, वह निश्चित रूप से प्रशंसनीय है। ऐसे आयोजन वरिष्ठजनों को सम्मान देने के साथ-साथ समाज में नई पीढ़ी को अपने बुजुर्गों के प्रति आदर और कृतज्ञता का संस्कार भी देते हैं।”
इस अवसर पर चंदनमल कोठारी, रमेशचंद जैन एवं मनोहरलाल नाहटा सहित अन्य वरिष्ठजनों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने महासंघ द्वारा किए जा रहे सेवा एवं सामाजिक कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वरिष्ठजनों का सम्मान वास्तव में उनके जीवनभर के योगदान, अनुभव एवं संस्कारों का सम्मान है।
समारोह की विशेषता यह रही कि श्री श्वेतांबर जैन वरिष्ठ महासंघ की स्थापना के बाद पहली बार सुपर सीनियर सिटीजन के सम्मान के लिए इस प्रकार का विशेष आयोजन किया गया। संस्था में तीन प्रकार के सदस्य—दंपति सदस्य, एकल सदस्य एवं वीरांगना बहनें—हैं। इन तीनों वर्गों में शामिल सभी सुपर सीनियर सिटीजन का आत्मीयता एवं गरिमा के साथ अभिनंदन किया गया।
कार्यक्रम का संचालन संस्था के उपाध्यक्ष पुखराज पटवाने ने किया। सचिव राजकुमार हरण ने वरिष्ठ नागरिकों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए सभी अतिथियों, वरिष्ठजनों एवं सदस्यों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर इनकी रही गरिमामय उपस्थिति
नेमीचंद जैन कमल नाहटा शेखर नाहर श्रेणिक नादेचा अनिल श्रीश्रीमाल वीरेंद्र रांका ऋषभ छाजेड़ श्रीमती विमला देवी जैन त्रिशला नादेचा रेखा सुराणा मंजू हरण व अनेक स्नेहीजन उपस्थिति थे। समारोह में वरिष्ठजनों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और आत्मीयता का भाव पूरे आयोजन में दिखाई दिया।

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