गंगवाल परिवार के सान्निध्य में हुआ धार्मिक आयोजन, प्रतिदिन मिल रहा जिनवाणी श्रवण एवं जिनेंद्र भक्ति का लाभ


जावरा (अभय सुराणा) । श्री सिद्धचक्र मंडल विधान के अंतर्गत नौवीं वर्ष गांठ के आयोजन के अवसर पर आज 16 अक्टूबर को प्रातः मंगल कलश शोभायात्रा निवास से ढोल-धमाकों के साथ निकाली गई। शोभायात्रा के मंदिर पहुंचने के पश्चात श्री जिनेंद्र भगवान का अभिषेक किया गया। इसके बाद मंगल कलश, अन्य उपकलश, चार कलश, अष्ट प्रतिहार, अष्ट मंगल एवं जिनवाणी को विधि-विधानपूर्वक विराजमान कर योगसार विधान का शुभारंभ हुआ।
धार्मिक अनुष्ठान में मुख्य कलश की स्थापना श्रीमती पदमा-पुष्पेंद्र-प्रवेश जी गंगवाल एवं गंगवाल परिवार द्वारा की गई। सहायक कलश की स्थापना श्रीमती मीना जी निर्मल कुमार जैन वेद, श्रीमती रेखा अभय सुराणा, श्रीमती अविना युगल पाटनी एवं झंडारोहण कर्ता रतलाम के गेंदा लाल जी- एल महेन्द्र कुमार जी मोठिया परिवार द्वारा की गई। वहीं जिनवाणी विराजमान करने का सौभाग्य श्रीमती अल्पना-अतुल कुमार जैन, मैनपुरी को प्राप्त हुआ।
आयोजन के दौरान प्रतिदिन पंडित मनीष जी शास्त्री एवं विधानाचार्य रितेश जी शास्त्री के मार्गदर्शन में विधान एवं प्रवचन आयोजित किए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं को जिनवाणी श्रवण, धार्मिक प्रवचनों एवं जिनेंद्र भक्ति के माध्यम से आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने का सुनहरा अवसर मिल रहा है। पूरा आयोजन धर्म, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के वातावरण में संपन्न हो रहा है।
गंगवाल परिवार ने किया धर्म लाभ लेने का आह्वान
आयोजनकर्ता गंगवाल परिवार ने समस्त धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे इस आध्यात्मिक एवं धार्मिक महोत्सव में सहभागी बनकर जिनेंद्र भगवान की आराधना करें तथा विधान, प्रवचन एवं जिनवाणी श्रवण का लाभ लेकर अपने जीवन को धर्ममय बनाएं।