गांवों में भी जाग रही नेत्रदान की अलख, नाथीबाई पाटीदार का नेत्रदान बना प्रेरणा

नेत्रम संस्था के प्रयासों से ग्रामीण अंचलों में बढ़ रही जागरूकता, परिजनों की संवेदनशील पहल से दो व्यक्तियों के जीवन में रोशनी की उम्मीद

रतलाम। किसी अपने के बिछड़ने का दुःख शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता, लेकिन दुःख की इस कठिन घड़ी में भी यदि परिवार मानवता और समाजसेवा का संकल्प ले, तो उसका यह निर्णय किसी जरूरतमंद के जीवन में नई रोशनी लाने का माध्यम बन जाता है। ग्राम डेलनपुर निवासी स्वर्गीय श्रीमती नाथीबाई पाटीदार का नेत्रदान इसी मानवीय संवेदना और सेवा भावना का प्रेरणादायक उदाहरण है।
स्वर्गीय गेंदलाल पाटीदार की धर्मपत्नी श्रीमती नाथीबाई पाटीदार के आकस्मिक निधन के पश्चात उनके परिजनों ने नेत्रदान की सहमति देकर मानवता की अनुपम मिसाल पेश की। धर्मराज पाटीदार (दतोड़ा), अर्जुन पाटीदार एवं राहुल पाटीदार (सरपंच) ने परिवार को नेत्रदान के लिए प्रेरित किया। इसके बाद उनके पुत्र बद्रीलाल पाटीदार, कन्हैयालाल पाटीदार, मोतीलाल पाटीदार एवं अन्य परिजनों ने नेत्रदान के लिए सहमति प्रदान की। परिवार के इस पुनीत निर्णय से दिवंगत नाथीबाई पाटीदार की स्मृति मानव सेवा और जनकल्याण से जुड़ गई। इस नेत्रदान से दो जरूरतमंद व्यक्तियों के जीवन में रोशनी आने की उम्मीद जगी है।

ग्रामीण क्षेत्रों में भी बढ़ रही नेत्रदान के प्रति जागरूकता
रतलाम जिले के ग्रामीण अंचलों में भी अब नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। ग्राम डेलनपुर में संपन्न हुआ यह नेत्रदान इस सकारात्मक बदलाव का प्रेरणादायक उदाहरण है। दुःख की घड़ी में भी परिजनों द्वारा नेत्रदान का निर्णय लेना दर्शाता है कि मानव सेवा और परोपकार की भावना गांवों तक पहुंच रही है। नेत्रम संस्था के प्रयासों से शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को नेत्रदान के महत्व के प्रति जागरूक किया जा रहा है। आवश्यकता है कि इस जनजागरण को गांव-गांव तक पहुंचाया जाए, ताकि अधिक से अधिक परिवार नेत्रदान के लिए आगे आएं और मृत्यु के बाद भी किसी के जीवन में उजाला लाने का माध्यम बनें।

मेडिकल कॉलेज की टीम ने संपन्न कराई नेत्रदान प्रक्रिया
नेत्रम संस्था के हेमंत मूणत ने बताया कि नेत्रदान की सहमति मिलते ही शासकीय डॉ. लक्ष्मीनारायण पांडे मेडिकल कॉलेज, रतलाम की डीन डॉ. अनीता मुथा को सूचना दी गई। उनके निर्देशन में नेत्र विभागाध्यक्ष डॉ. रिशेन्द्र सिसोदिया के नेतृत्व में डॉ. विष्णुदत्त एवं नर्सिंग ऑफिसर विनोद कुशवाहा ने गणेश दास के सहयोग से नेत्रदान की प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न कराई।
इस सेवा कार्य में नेत्रम संस्था के शीतल भंसाली ने अपने निजी वाहन से मेडिकल टीम को दिवंगत के निवास तक पहुंचाने तथा प्रक्रिया के बाद मेडिकल कॉलेज वापस पहुंचाने की व्यवस्था की। इस अवसर पर हेमंत मूणत, शीतल भंसाली, नवनीत मेहता, यशवंत पावेचा, शलभ अग्रवाल, सुशील मीनू माथुर, राहुल पाटीदार सहित अनेक स्नेहीजन एवं शुभचिंतक उपस्थित रहे।

नेत्रदान का संकल्प लें, किसी की दुनिया रोशन करें
नेत्रदान केवल एक सामाजिक सेवा नहीं, बल्कि किसी दृष्टिबाधित व्यक्ति के जीवन में नई सुबह लाने का माध्यम है। स्वर्गीय नाथीबाई पाटीदार के परिजनों ने अपने दुःख को मानव सेवा की प्रेरणा में बदलकर समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है।

नेत्रम संस्था ने आमजन से भावपूर्ण अपील की है कि नेत्रदान के प्रति जागरूक बनें, अपने परिवार में इस विषय पर चर्चा करें और मृत्यु के बाद नेत्रदान का संकल्प लें। शहर हो या गांव, हर परिवार की जागरूकता किसी जरूरतमंद के जीवन में आशा की किरण जगा सकती है। आइए, नेत्रदान के इस पुनीत अभियान को जन-जन तक पहुंचाएं, ताकि कोई भी व्यक्ति दृष्टि पाने की उम्मीद से वंचित न रहे।

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