चालू वित्तीय वर्ष में 15 अक्टूबर तक 5,000 मीट्रिक टन स्क्रैप का विक्रय कर ₹26.96 करोड़ का राजस्व अर्जित

रतलाम, 21 अक्टूबर। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल द्वारा भारतीय रेल के ‘जीरो स्क्रैप अभियान’ के अंतर्गत अनुपयोगी एवं कंडम सामग्री के समयबद्ध निस्तारण की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में मंडल ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में 15 अक्टूबर तक लगभग 5,000 मीट्रिक टन स्क्रैप का विक्रय कर ₹26.96 करोड़ का राजस्व अर्जित किया है। यह पहल रेलवे परिसरों को स्क्रैप मुक्त बनाने, उपलब्ध स्थान का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने तथा अनुपयोगी सामग्री से आर्थिक मूल्य प्राप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
रतलाम मण्डल के मण्डल रेल प्रबंधक श्री अश्वनी कुमार के मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मंडल सामग्री प्रबंधक श्री अमीर यादव के निर्देशन में किए जा रहे इन प्रयासों का उद्देश्य अनुपयोगी एवं कंडम सामग्री का व्यवस्थित और समयबद्ध निस्तारण कर रेलवे की परिसंपत्तियों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करना है। ‘जीरो स्क्रैप अभियान’ के माध्यम से रेलवे परिसरों को स्वच्छ, व्यवस्थित एवं स्क्रैप मुक्त बनाने के साथ-साथ संसाधनों के सदुपयोग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी श्री मुकेश कुमार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष में विक्रय किए गए स्क्रैप में रोलिंग स्टॉक से संबंधित अनुपयोगी सामग्री, पाथवे की स्क्रैप सामग्री, लोकोमोटिव केयर सेंटर, रतलाम के कंडम पार्ट्स के अतिरिक्त 02 कंडम इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव (WAG-5), 02 कंडम कोच तथा 01 कंडम टावर वैगन शामिल हैं। रतलाम मंडल ने अभी तक 5000 मीट्रिक टन स्क्रैप के निस्तारण से लगभग 26.96 करोड़ का राजस्व अर्जित किया है। इन सामग्रियों के निस्तारण से रेलवे परिसरों में अनुपयोगी सामग्री के लिए घिरा स्थान खाली करने तथा उपलब्ध संसाधनों का अधिक प्रभावी उपयोग करने में सहायता मिलती है।
रतलाम मंडल ने चालू वित्तीय वर्ष में भी मंडल द्वारा ‘जीरो स्क्रैप अभियान’ के लक्ष्यों के अनुरूप स्क्रैप निस्तारण की प्रक्रिया को गति प्रदान की जा रही है।