पांच दिवसीय दुर्गा पूजा महोत्सव का समापन, सिंदूर खेला के बाद मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया

रतलाम। शहर के मध्य स्थित धनजी बाई का नोहरा अग्रवाल धर्मशाला में मां दुर्गा शक्ति समिति के तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय दुर्गा पूजा महोत्सव का समापन विजयादशमी पर्व के साथ हुआ। बंगाली समाज ने पारंपरिक रीति-रिवाजों और श्रद्धा-भक्ति के साथ मां दुर्गा की आराधना कर उन्हें विदाई दी।
महोत्सव के अंतिम दिन सुबह महिलाओं ने मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की तथा पारंपरिक सिंदूर खेला की रस्म निभाई। शाम को विधि-विधान से माता रानी की पूजा कर उन्हें भावपूर्ण विदाई दी गई। इसके बाद गढ़खंगाई माताजी ले जाकर मां दुर्गा की प्रतिमा का जल में विसर्जन किया गया।
मां दुर्गा शक्ति समिति द्वारा रतलाम के बंगाली समाज के सहयोग से विगत पांच वर्षों से दुर्गा पूजा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष माता रानी की स्थापना का छठा वर्ष था। पांच दिनों तक चले इस महोत्सव में समाजजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
इस अवसर पर संतु मंडल, देवाशीष गौधन, गोपाल कर, कृष्णा मैती, किशन बर्मन, बापा माजी, रवींद्र जाना, प्रसनजीत माहिती, गोरांक, रघु, विश्वनाथ, अनंत, देवाशीष, संजू, सुरजीत, खोका, निमाय सहित समाजजन उपस्थित रहे।