- ₹7,346 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत, मध्यप्रदेश–रूस क्रिकेट सहयोग समझौते का आदान-प्रदान
- विकसित भारत के निर्माण में उद्योग एवं व्यापार की भूमिका महत्वपूर्ण : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
- सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े उद्योगों की सहभागिता उद्योग एवं व्यापार जगत के बीच बढ़ते समन्वय का प्रमाण : एमएसएमई केबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप



भोपाल 23 अक्टूबर । रतलाम के वरिष्ठ उद्योगपति विरेंद्र पोरवाल की सहअध्यक्षता में फेडरेशन ऑफ मध्यप्रदेश चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री (एफएमपीसीसीआई) के स्वर्ण जयंती वर्ष के अंतर्गत आयोजित ‘विकसित भारत उद्योग व्यापार सम्मेलन 2026’ का समापन शुक्रवार को एनराइज बाय सयाजी, भोपाल में हुआ। सम्मेलन का शुभारंभ 22 अक्टूबर को कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया था। ‘उद्योगों को जोड़ना, अवसर सृजित करना, विकसित भारत का निर्माण करना’ विषय पर आयोजित इस दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में देश के 12 राज्यों के उद्योग एवं व्यापार संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ रूस और जर्मनी के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की। सम्मेलन के दौरान प्रदेश में ₹7,346 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए। समापन समारोह में मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एमपीसीए) एवं रूस के स्मोलेंस्क क्रिकेट एसोसिएशन के बीच क्रिकेट सहयोग संबंधी समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान भी हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने फेडरेशन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा—मध्यप्रदेश में निवेश एवं औद्योगिक विकास की व्यापक संभावनाएँ है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने फेडरेशन के स्वर्ण जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन की सराहना करते हुए कहा कि पिछले 50 वर्षों में फेडरेशन ने उद्योग एवं व्यापार जगत को एकजुट करने, उद्यमियों की समस्याओं को सरकार तक पहुँचाने और प्रदेश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। देश के विभिन्न राज्यों के उद्योग एवं व्यापार संगठनों, अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों और उद्यमियों को एक मंच पर लाकर फेडरेशन ने संवाद एवं सहयोग की नई संभावनाएँ सृजित की यह पहल विकसित भारत के निर्माण में उद्योग एवं व्यापार जगत की भूमिका को और मजबूत करेगी।
एमएसएमई मंत्री श्री चैतन्य काश्यप ने की सम्मेलन की सराहना
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हुआ है। सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े सैकड़ों उद्यमियों की सहभागिता उद्योग एवं व्यापार जगत के बीच बढ़ते समन्वय का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रीजनल डेवलपमेंट प्लान तथा मेट्रोपॉलिटन एरिया जैसी अभिनव पहल से विकास की नई संभावनाएँ सृजित हो रही हैं और उद्योग एवं व्यापार जगत में विश्वास का वातावरण मजबूत हुआ है।
सहअध्यक्ष पोरवाल ने बताया कि देश के प्रमुख राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स और व्यापारिक संगठनों को एक मंच पर लाने वाला यह अपनी तरह का महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सम्मेलन है। सम्मेलन में विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने तथा उद्योग एवं व्यापार से जुड़े नीतिगत विषयों पर विचार-विमर्श के लिए उद्यमियों, विशेषज्ञों और प्रबुद्धजनों को अवसर मिला। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में औद्योगिक विकास, वैश्विक व्यापार, निवेश संवर्धन, विनिर्माण, निर्यात प्रोत्साहन, नवाचार, एमएसएमई सशक्तीकरण, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और आत्मनिर्भर भारत जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा की गई l उन्होंने बताया कि विभिन्न राज्यों के चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एवं औद्योगिक संगठनों से प्राप्त सुझावों को संकलित कर ‘भोपाल डिक्लेरेशन’ के माध्यम से सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया, ताकि उद्योग एवं व्यापार क्षेत्र की व्यावहारिक समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी नीतिगत पहल की जा सके। उद्यमी प्रदेश के आर्थिक एवं औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। फेडरेशन सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर विकास की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी कर रहा है। इसी क्रम में फेडरेशन द्वारा ₹7,346 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किए जा रहे हैं। विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए उद्योग, व्यापार, कृषि आधारित उद्यम, सेवा क्षेत्र और नवाचार को एकीकृत दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाना आवश्यक है।
फेडरेशन अध्यक्ष हिमांशु खरे ने बताया राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्देश्य l देश के 10 राज्यों के उद्योग, औद्योगिक एवं वाणिज्यिक संगठनों के अध्यक्षों, पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों के साथ रूस एवं जर्मनी के प्रतिनिधियों की सहभागिता ने सम्मेलन को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया। खरे ने कहा कि फेडरेशन के 50 वर्षों की सेवा-यात्रा का उद्देश्य उद्योग एवं व्यापार जगत की समस्याओं को प्रभावी ढंग से सरकार तक पहुँचाना और उनके समाधान के लिए सार्थक पहल करना रहा है। सम्मेलन में एमएसएमई इकाइयों की वित्तीय आवश्यकताओं, निर्यात संवर्धन, तकनीकी उन्नयन, औद्योगिक अधोसंरचना तथा व्यापारिक प्रक्रियाओं के सरलीकरण जैसे विषयों पर चर्चा की गई।
सम्मेलन का आयोजन फेडरेशन अध्यक्ष हिमांशु खरे एवं संयुक्त अध्यक्ष विरेंद्र पोरवाल के सहयोग से किया गया। सम्मेलन के दूसरे दिन आयोजित कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी, कौशल विकास मंत्री गौतम टेटवाल तथा लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष सत्येन्द्र भूषण सिंह विशेष रूप से उपस्थित हुए। अतिथियों ने सम्मेलन में सहभागिता करते हुए फेडरेशन के स्वर्ण जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित इस राष्ट्रीय आयोजन की सराहना की तथा उद्योग, व्यापार, कौशल विकास, रोजगार सृजन और मध्यप्रदेश के आर्थिक एवं औद्योगिक विकास को गति देने में ऐसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। सम्मेलन में विभिन्न नीतिगत विषयों पर भी विचार विमर्श किया गया ।
मध्यप्रदेश–रूस क्रिकेट साझेदारी को मिला नया आयाम
सम्मेलन के समापन समारोह का एक प्रमुख आकर्षण मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एमपीसीए) एवं रूस के स्मोलेंस्क क्रिकेट एसोसिएशन के बीच समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान रहा। एमपीसीए की ओर से सचिव सुधीर असनानी तथा स्मोलेंस्क क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से उपाध्यक्ष प्रभांशु श्रोती ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।
फेडरेशन के सचिव प्रवीण आचार्य ने इसे पिछले दो वर्षों के दौरान हुए परस्पर दौरों और विश्वास निर्माण का परिणाम बताया।
कार्यक्रम में वरुण पोरवाल , फेडरेशन के अखिलेश राठी, उपाध्यक्ष योगेश गोयल, जयदेव ताम्रकार, आनंद बांगुर, राजीव बाहेती, पूर्व अध्यक्ष दीपक शर्मा, डॉ आर एस गोस्वामी, विजय गौर, योगेश ताम्रकार, मनविंदर ओबेरॉय, पंकज आहूजा, गोविंद गोयल, राजू जैन, सी.बी. मालपानी, अशोक पटेल, अरूण पवांर, सर्च कौल, एमएसएमई से तरूण कटारे, अशोक आनंद, राजीव जैन, राजीव अग्रवाल, उत्तरप्रदेश औद्योगिक संघ के अध्यक्ष डी पी सिंह, सेंट्रल टेक्सटाइल एसोसिएशन अध्यक्ष रणबीर बीज, उपाध्यक्ष महेंद्र भाई, एबीईएल मुंबई की अध्यक्ष सुश्री अमिता रमेश, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राजीव गोयल, अनिल पाण्डेय, स्कोप यूनिवर्सिटी के चांसलर सिद्धार्थ चतुर्वेदी, स्टेट बैंक के एजीएम शैलेंद्र चतुर्वेदी, मोरार सेनफील्ड के एम डी महेश राजवानी, इंश्योरेंस ब्रोकर एन ए बी के एम डी अविनाश गुप्ता, आदि शामिल हुए एवं इन्होंने एमपीआईडीसी एवं संस्था ने एमएसएमई विभाग को सहयोग हेतु धन्यवाद दिया।