
इंदौर (राजेश जैन दद्दू)। आश्विन मास की शरद पूर्णिमा इस बार केवल चांदनी की रात नहीं, बल्कि गुरु भक्ति की त्रिवेणी बनकर आ रही है। दिनांक 26 अक्टूबर 2026, सोमवार को शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर जैन धर्म के तीन महान संतों का अवतरण दिवस महा महोत्सव के रूप में मनाया जाएगा। धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने कहा कि यह अद्भुत संयोग है कि तीनों धरती की पुण्यात्माओं का अवतरण एक ही तिथि शरद पूर्णिमा पर हुआ है। इस पावन अवसर पर भारत वर्षीय सकल जैन समाज द्वारा त्रि-संत गुरु वंदना महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। वरिष्ठ समाजसेवी डॉ जैनेन्द्र जैन ने कहा कि श्रंमण संस्कृति के महामहिम तपोनिधि आचार्य भगवंत -विध्यासागर जी जिनकी तप साधना सूर्य के समान तेजस्वी है।
नवाचार्य आचार्य समय सागर जी महाराज वैराग्यमूर्ति जिनका जीवन युवाओं के लिए त्याग एवं अपने गुरु समर्पण का आदर्श है। गणनी आर्यिका करुणामयी ज्ञानमती माताजी जिनकी वात्सल्यमयी वाणी ने हजारों महिलाओं को धर्म मार्ग से जोड़ा।”शरद पूर्णिमा के पावन उर्जित अवसर पर शत शत नमन” । दद्दू ने कहा कि त्रि-संत अवतरण दिवस को लेकर देशभर के गुरु भक्तों में भारी हर्ष है। इस दिन सभी जिनालयों में प्रातःकालीन अभिषेक, शांतिधारा, त्रि-संतों का गुरु गुणानुवाद सभा, शाम को भक्ति संध्या , क्वी सम्मेलन , स्वस्थ शिविर एवं अनेक आयोजन होंगे । महिला परिषद् की संभागीय अध्यक्ष श्रीमती मुक्ता जैन ने सकल जैन समाज एवं धर्मप्रेमी बंधुओं से 26 अक्टूबर सोमवार को अपने अपने श्रेत्रौ में आयोजन करने का आह्वान किया है।