श्री सौभाग्य प्रकाश दरबार में हुआ शुभारंभ



रतलाम 26 अक्टूबर। मालव केसरी पूज्य गुरुदेव सौभाग्यमल जी मसा के सुशिष्य रत्नपुरी के रत्न श्रमण संघीय प्रवर्तक पूज्य श्री प्रकाश मुनिजी मसा के सानिध्य में सौभाग्य कला महोत्सव आयोजित हुआ। कला कृतियो का अवलोकन कर इसका शुभारंभ किया गया। प्रदर्शनी में तीन आयु वर्ग 4 से 10 वर्ष,11 से 14 वर्ष और 14 वर्ष से अधिक आयु के प्रतिभागियों की कृतियां प्रदर्शित की गई है।
महोत्सव के दौरान श्री सौभाग्य प्रकाश दरबार में भजन, स्तुति गायन, नृत्य, नाटक, वक्तव्य, कविता पाठ, वाद्य संगीत और समूह प्रस्तुतियां भी हुई। महोत्सव में सेवाभावी श्री दर्शन मुनि जी मसा और महासती श्री स्वर्णश्री जी मसा की प्रेरणा से बच्चों ने उत्साह से भाग लिया । उनके द्वारा कला महोत्सव में प्रस्तुत मार्मिक प्रसंग से दर्शक भाव विहल हुए। कुश चौरड़िया,नैतिक बोहरा,गोयम मेहता
और सौम्य चत्तर ने अग्रणी भूमिका निभाई।
श्री संघ के पूर्व अध्यक्ष प्रकाश मूणत ने बताया कि प्रवर्तकश्री के रतलाम चातुर्मास “भाग्य से सौभाग्य की ओर” में लगातार तप आराधना हुई, वहीं विविध धार्मिंक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। सोमवार को प्रवर्तक श्री प्रकाशमुनिजी मसा की निश्रा में ने नवपद ओली जी की आराधना पूर्ण हुई । 27 अक्टूबर को सेवाभावी महासती श्री कल्पना जी मसा का जन्मदिन मनाया जाएगा । इस मौके पर गुणानुवाद सभा होगी । नवकार महामंत्र के जाप भी किए जाएँगे ।
सोमवार को प्रवर्तक श्री ने प्रवचन में आत्मा को परमात्मा बनाने के प्रकल्पों पर प्रकाश डाला । उन्होंने कहा साधना के बिना कोई आत्मा परमात्मा नहीं बनती, अपना मन अधिक से अधिक साधना में लगाए । इस दौरान सेवाभावी श्री दर्शनमुनिजी मसाए प्रवचन प्रभाविका श्री सुमनप्रभाजी मसा ठाणा- 8, महासती श्री चंदनबालाजी मसा, महासती श्री कल्पनाजी मसा मंचासीन रहे। इस दौरान श्री धर्मदास जैन श्री संघ के सदस्यगण, श्री धर्मदास जैन मित्र मंडल ट्रस्ट, श्री सौभाग्य तीर्थ ट्रस्ट,श्री सौभाग्य जैन नवयुवक मंडल, श्री सौभाग्य प्रकाश युवक मंडल, श्री सौभाग्य जैन महिला मंडल, श्री सौभाग्य अणु बहु मंडल एवं श्री सौभाग्य प्रकाश बालक-बालिका मंडल के सदस्यगण उपस्थित रहे। संचालन आयुष गंग ने किया।