श्वेतांबर जैन वरिष्ठ महासंघ के कोषाध्यक्ष शेखर नाहर रहे लाभार्थी, शुभ अवसर को सेवा कार्य के रूप में मनाने की पहल

जावरा । जन्मदिवस केवल खुशियां मनाने का अवसर नहीं, बल्कि उसे सेवा और परोपकार से जोड़कर सार्थक बनाने का भी माध्यम है। इसी भावना को आत्मसात करते हुए श्वेतांबर जैन वरिष्ठ महासंघ जावरा द्वारा नियमित जीवदया कार्यक्रम के अंतर्गत दादावाड़ी रोड स्थित गौशाला में गौग्रास खिलाकर जीवमात्र के प्रति करुणा, संवेदना और सेवा का संदेश दिया गया। इस बार आयोजन के लाभार्थी महासंघ के ऊर्जावान एवं मिलनसार कोषाध्यक्ष शेखर नाहर रहे। उनके जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित इस सेवा कार्य ने जन्मदिन को सामाजिक एवं धार्मिक सरोकारों से जोड़ने की प्रेरक पहल की।
महासंघ द्वारा नियमित रूप से किए जा रहे जीवदया के कार्यों का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ समाज में सेवा, सहानुभूति और प्राणीमात्र के प्रति दया की भावना को प्रोत्साहित करना है। गौशाला में गौग्रास अर्पित कर सदस्यों ने जीवसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। आयोजन के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि जीवन के विशेष अवसरों को जरूरतमंदों की सहायता और जीवों की सेवा के लिए समर्पित कर उन्हें अधिक अर्थपूर्ण बनाया जा सकता है।
जन्मोत्सव पर सेवा की प्रेरणा
कोषाध्यक्ष शेखर नाहर के जन्मोत्सव पर आयोजित इस कार्यक्रम में महासंघ के सदस्यों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए सेवा कार्यों में निरंतर सहभागिता की भावना व्यक्त की। संस्था की परंपरा के अनुरूप जन्मदिवस जैसे अवसरों को जीवदया से जोड़ना समाज में सकारात्मक संस्कारों के प्रसार की दिशा में एक सार्थक प्रयास है।
इनकी रही उपस्थिति
इस अवसर पर महासंघ के सचिव राजकुमार हरण, जन्मदिवस समिति संयोजक नेमीचंद लोढ़ा, लाभार्थी शेखर नाहर, अनिल धाड़ीवाल मंडी, अनिल श्रीश्रीमाल, पुखराज चत्तर हेमंत जैन एवं सुशील मेहता उपस्थित रहे।
महासंघ के इस सेवा आयोजन ने एक बार फिर रेखांकित किया कि सच्ची खुशी वही है, जिसमें स्वयं के आनंद के साथ जीवमात्र के प्रति दया और सेवा का भाव भी जुड़ा हो।