नौ माह बाद भी जावरा रेलवे स्टेशन की समस्याएं जस की तस, फिर उठी 13 सूत्रीय मांगें

जावरा। जावरा रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं की कमी का मुद्दा एक बार फिर सामने आया है। श्वेतांबर जैन वरिष्ठ महासंघ ने स्टेशन की विभिन्न समस्याओं के निराकरण को लेकर 13 सूत्रीय मांग पत्र स्टेशन मास्टर को सौंपते हुए रेलवे प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। उल्लेखनीय है कि समिति द्वारा करीब नौ माह पूर्व भी डीआरएम रतलाम एवं सांसद के नाम अलग-अलग ज्ञापन भेजे गए थे, लेकिन अब तक एक भी प्रमुख समस्या का निराकरण नहीं हो पाया है। इससे यात्रियों को आज भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
महासंघ के अध्यक्ष अभय सुराणा ने कहा कि जावरा एक महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन होने के बावजूद यहां यात्रियों को आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, बच्चों और दिव्यांग यात्रियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। प्लेटफार्म नंबर दो से बाहर जाने का कच्चा रास्ता गंदगी और कीचड़ से भरा रहता है। प्लेटफार्म नंबर दो पर टिकट खिड़की, वाटर कूलर, वातानुकूलित प्रतीक्षालय और कैंटीन जैसी सुविधाओं का अभाव है।
महासंघ के अध्यक्ष अभय सुराणा के साथ ही सचिव राजकुमार हरण कोषाध्यक्ष शेखर नाहर ने दोनों प्लेटफार्मों पर कोच डिस्प्ले एवं एकीकृत यात्री सूचना प्रणाली लगाने, प्लेटफार्मों के बीच आवागमन के लिए एस्केलेटर की सुविधा उपलब्ध कराने तथा यात्रियों की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित करने की मांग की है। कोच डिस्प्ले नहीं होने से यात्रियों को अपनी बोगी तलाशने में परेशानी होती है। कई बार जल्दबाजी में बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे गिरकर चोटिल भी हो जाते हैं।
ज्ञापन में जावरा स्टेशन पर लंबी दूरी की एवं साप्ताहिक ट्रेनों के ठहराव की मांग भी दोहराई गई। इसके अतिरिक्त स्टेशन के बाहर कोल इंडिया द्वारा निर्मित शौचालय की टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कर उसे यात्रियों के उपयोग के लिए शुरू करने तथा स्टेशन के बाहर व्यवस्थित वाहन पार्किंग स्थल निर्धारित करने की मांग रखी गई, ताकि बेतरतीब खड़े वाहनों से पैदल यात्रियों को होने वाली परेशानी से मुक्ति मिल सके।
समिति ने कहा कि नौ माह पूर्व उठाई गई समस्याओं पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होना चिंताजनक है। प्लेटफार्म नंबर दो पर जाने के लिए जो रास्ता खुला हुआ था वहां पर भी गेट लगा दिया गया मांग होने पर 2 दिन पूर्व गेट खोला गया था, इसके लिए संस्था द्वारा धन्यवाद पत्र भी भेजा गया था लेकिन आज अनायास वापस गेट बंद कर दीया गया यह भी समझ से परे हैं। जावरा के रेल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलना उनका अधिकार है। रेलवे प्रशासन को इन मांगों को प्राथमिकता से लेते हुए समयबद्ध निराकरण करना चाहिए।

समिति के प्रयासों की यात्रियों ने की सराहना
इस अवसर पर 86 वर्षीय सीनियर सिटीजन आनंदीलाल संघवी चंदनमल कोठारी नेमीचंद जैन प्रकाश संघवी एवं स्टेशन के प्लेटफार्म पर ट्रेन का इंतजार कर रहे नागरिकों ने भी समिति द्वारा यात्री सुविधाओं के लिए किए जा रहे प्रयासों की भूरी-भूरी प्रशंसा की। यात्रियों का कहना था कि स्टेशन पर लंबे समय से इन सुविधाओं की आवश्यकता महसूस की जा रही है। महासंघ द्वारा लगातार आवाज उठाना सराहनीय पहल है। इन समस्याओं को लेकर शीघ्र ही प्रतिनिधि मंडल डीआर एम महोदय एवं सांसद महोदय से मिलेगा।

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