रतलाम । शासकीय मेडिकल कॉलेज रतलाम पर वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए कोरोना संक्रमण से पीड़ित उपचाराधीन मरीज है उनमें उपचार हेतु सबसे ज्यादा रामबाण भारतीय ऋषि मुनियों की देन योग आयुर्वेदिक विधि कारगर सिद्ध हो रही है वर्तमान समय मे आयुर्वेदिक उपचार योग ध्यान मेडिटेशन और आत्मविश्वास को प्रबल करने के लिए जो योग ध्यान बोध कथा चिकित्सालय में उपचारत मरीज़ो को सुनाई जा रही है उसका मरीजों पर शारीरिक मानसिक भौतिक अध्यात्मिक ज्ञान दर्शन लेकर बेहतर स्वास्थ लाभ का सबसे गहरा प्रभाव पड़ रहा है आज मरीज नयन बिछाएं निहारते रहते हैं और उसी का परिणाम है कि आज जो महामारी अपने चरम सीमा पर थी उसका प्रतिशत दिन-प्रतिदिन घटते हीं जा रहा है यही उपचार की जो पद्धति है आज बढ़-चढ़कर आयुर्वेद अपने परम शिखर तक पहुंच रहा हैं वास्तविक रूप में यह ज़रूरी भी है पूर्व में जो एलोपैथी का उपचार किया जाता था चल रहा है आज वही लोगों में जनमानस में प्रकृति पर्यावरण के प्रति उनका रुझान बढ़ा है अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए लोग बड़ी संख्या में औषधीय पेड़ पौधों का रोपण अपने घर पर ही वैदिक उपचार को अपनाने की लालसा कर रहे हैं और इस जागृति के प्रभाव से घर-घर अमृता नीम गिलोय तुलसी पौधे वातावरण संक्रमण मुक्ति लिए शुद्धिकरण के लिए हर घर-घर यज्ञ करने वैदिक पद्धति के अंतर्गत इन चीजों को वृहद स्तर पर प्राथमिकता दी जा रही हैं और आज उसी का सकारात्मक परिणाम है कि माननीय केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने भी इस चीज को अंतर्मन की गहराई से स्वीकारा है और लोगों को भी इस और जागृत करने के लिए आयुर्वेदिक उपचार को सर्वोपरि माना हैं तथा लोगों के द्वारा किया जा रहा योग आयुर्वेद को भी उन्होंने सर्वश्रेष्ठ स्थान के रूप में आज कोराना जैसी महामारी के उपचार हेतु सर्वोपरि अस्त्र के रूप में स्वीकार किया है निश्चित है कि आगामी भविष्य में अगर इस प्रकार के अन्य संक्रमणों जानलेवा बीमारियां भी उत्पन्न होती है तो आज से अभी से ही हमें योग आयुर्वेद जैसे उपचार की पद्धतियों को संग्रहित कर भावी पीढ़ी को बढ़ावा देना होगा ताकि आने वाले भविष्य में हम परिवार समाज संग सुरक्षित संरक्षित सतर्क हो सके इस अमृत पद्धति को स्वीकार कर लोगों क़े जीवन को बचाया जा सके
रतलाम के शासकीय मेडिकल कॉलेज में भी उपचाराधीन मरीजों को पिछले 20 दिनों से अधिक निरंतर प्रयत्नशील कालेज डीन डॉ जितेंद्र गुप्ता व प्रशासनिक अधिकारियों की विशेष देख-रेख में योग अमृत बरस रहा है संक्रमण मुक्ति का सफल प्रयास पतंजलि युवा भारत जिला प्रभारी रतलाम म.प्र.पश्चिम विशाल कुमार वर्मा सहयोगी दर्शन शास्त्र ज्योतिषाचार्य पं. संजय शिवशंकर दवे जी द्वारा प्रतिदिन योग प्राणायाम आसन ध्यान मेडिटेशन एक्यूप्रेशर चिकित्सा आयुर्वेदिक देशी नुस्खों की पोटली संग्रह लिए शुद्ध आहार-विहार स्वस्थ जीवन-शैली जीवन दर्शन जीवन सूत्रों से रूबरू कराते हुए सकारात्मक विचारधारा दृष्टिकोण लिए पचपन से बचपन की ओर ले जाकर बोध आलौकिक आत्म कथाओं सुमधुर गीत संगीत रचनात्मक कलाओं से परिपूर्ण आलौकिक शक्ति सामर्थ्य लिए वरिष्ठ विशेषज्ञों के द्वारा भी समय-समय पर मानसिक शारीरिक आध्यात्मिक ज्ञान के भंडार से परिपूर्ण मानव परमार्थ सेवा संकल्प कार्य प्रवाहित है उपचाराधीन मरीजों पर इसका इतना गहरा प्रभाव पड़ रहा है जिसकी कल्पना शब्दों में बयां की नहीं जा सकती मरीज़ यहीं कहा जा सकता हैं योग जोड़ने का कार्य करता है और योग संयोग से ही हम एक-दूसरे से मिल पाते हैं मेडिकल कॉलेज से व्यक्ति अपने घर जाने के उपरान्त प्रत्यक्ष मिलकर व फोन द्वारा अपने मन-वचन-वाणी अनुभवों को आंखों से अमृत धारा बहाते हुए ह्रदय की गहराई से सादर अभिवादन धन्यवाद व्यक्त कर अनन्य रूप में अपने आप को धन्य भाग्यशाली मानते जा रहें हैं आज पतंजलि युवा भारत जिला प्रभारी विशाल कुमार वर्मा पं. संजय शिवशंकर दवे द्वारा रतलाम मेडिकल कॉलेज में उपस्थित गेटमैन चिकित्सकों नर्सों कर्मचारियों को क़रीब 101 नीम गिलोय बेल पौधें हाथों में लिए सभी ने खुशी की लहर लिए अमरत्व का अहसास किया साथ ही योग आयुर्वेद प्रकृति पर्यावरण अपनाएं संरक्षण संवर्धन संकल्प दिलाया गया और नशामुक्त संक्रमण मुक्त स्वावलंबी आत्मनिर्भर स्वच्छ स्वस्थ समृद्ध भारत की और बढ़ने बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया