शंखेश्वर पाश्र्वनाथ जैन तीर्थ 2 मई 2021 । मानवीय चेतना के विकास में आध्यात्मिक संस्कृति का योगदान ऑक्सीजन से महत्वपूर्ण है उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने शंखेश्वर पाश्र्वनाथ तीर्थ पर विचार व्यक्त करते कहा कि संत आध्यात्मिक संस्कृति के संदेशवाहक है जो जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं ।
उन्होंने कहा कि संस्कृति की रक्षा करना ही धर्म और परमात्मा की रक्षा से बढ़कर है इसी से महापुरुषों का निर्माण हुआ है
राष्ट्रसंत मुनि कमलेश ने बताया कि भौतिकवाद की पाश्चात्य संस्कृति का हमला आतंकवाद से भी अनंत गुना ज्यादा खतरनाक है जिसने विलासिता के माध्यम से रोगों का शिकार बने अशांति और दिशाहीन ता ऊभर कर सामने आई।
राष्ट्रसंत ने कहा कि बिना संस्कृति के सुसंस्कार का निर्माण नहीं होता है और उसके अभाव में चरित्र का निर्माण संपूर्ण विश्व की संपत्ति दान देकर भी असंभव है ।
जैन संत ने कहां की पूरा विश्व भारतीय संस्कृति को अपना रहा है इसी से विश्व गुरु बनने का सौभाग्य मिला शांति सुकून को प्राप्त कर रहा है दुर्भाग्य है जिससे वह थूक रहे हैं उसे हम चाट रहे हैं घनश्याम मुनि गौतम मुनि अरिहंत मुनि ने विचार व्यक्त की अक्षत मुनि कौशल मुनि मंगलाचरण किया 4 जून को राजकोट की ओर बिहार की संभावना है वीरमगाम सुरेंद्रनगर लिमडी होते हुए ।