हर शासकीय कार्यालय चाहे कलेक्टर ऑफिस, रजिस्ट्रार ऑफिस, पुलिस विभाग, बिजली विभाग, नगर निगम आदी के कार्यालय हो या इनकम टैक्स, सेल्स टैक्स, प्रदूषण बोर्ड या कोई भी शासकीय अशासकीय कार्यालय एवं प्रत्येक आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई एवं मैन्युफैक्चर करने वाली संस्था, बैंक, स्कूल – कॉलेज यहां शिकायत पेटी लगना आवश्यक है और इतना ही नहीं इस शिकायत पेटी को संबंधित विजिलेंस विभाग के उच्च अधिकारी अपनी देखरेख में खोलेंगे। तभी कुछ हद तक इन कार्यालयों की उचित कार्य प्रणाली मैं कुछ सुधार होगा। जनता अपने दर्द का बखान कर सकेगी और उच्च अधिकारियों का काम यह रहेगा कि जनता के दर्द और तकलीफ को कैसे दूर करें यह कदम उठाएं। इससे कम से कम उन कार्यालयों में होने वाली मनमानी रुकेगी और लगातार जिस भी अधिकारी कर्मचारी की शिकायतें आएगी उस पर कार्रवाई हो सकेगी और सरकार को भी चाहिए आप इतनी अच्छी तनखा देते हो पेंशन देते हो पूरी सुरक्षा देते हो और उसके बाद भी यदी कोई कर्मचारी अधिकारी भ्रष्ट बनता है जनता को तकलीफ देता है तो ऐसे कोई भी जानकारी में आते ही सरकार ने उस कर्मचारी अधिकारी को निलंबित कर देना चाहिए। सख्ती दिखाएगे तो सुधार संभव है और यह होना भी यही चाहिए।
अशोक मेहता, इंदौर (लेखक, पत्रकार, पर्यावरणविद)