साधु-साध्वियों का आगमन एवं समागम मन को प्रफुल्लित करता है

जावरा ( अभय सुराणा) । साधु-साध्वियों का आगमन एवं समागम मन को प्रफुल्लित करता है वहीं उनके चरणों का पर्दापर्ण नई उर्जा का संचार करता है । ऐसा मंगल सुअवसर आया कि जैन दिवाकरीय श्रमण संघीय दिवाकर ज्योति प्रखरवक्ता महासती श्री जयश्रीजी म सा साध्वी श्री राजश्रीजी म सा साध्वी श्री समीक्षा श्रीजी म सा जावरा चार्तुमास मै प्रवेश के पुर्व गुरुभक्त श्री मति निर्मला देवी सुजानमल औरा मामटखेडा वाले के नवनिर्मित मकान पर विराजीत रहते 17 जुलाई शनिवार को पैसठिया यंत्र एवं नवकार महामन्त्र के जाप करवाये एवं 18 जुलाई रविवार को पूज्यनीय गुरुदेव मुनिंद जैन दिवाकर करो आनंद के जाप जाप करवाकर चार्तुमास हेतु प्रवेश जैन दिवाकर भवन जावरा पर किया उसके पुर्व स्व. श्रीमति रेशमबाई स्व. सोभागमल जी के आत्म श्रैयार्थ सुजानमल पंकज निलेश दिव्य मनन औरा मामटखेडा परिवार द्वारा प्रवेश के पुर्व समाजजन की नवकारसी का आयोजन कर नवकारसी का लाभ लिया एवं सुजानमल औरा परिवार द्वारा महासती श्री जयश्रीजी म सा श्री राज श्रीजी म सा श्री समीक्षा श्री जी म सा को काबंली औढाकर अभिनंदन किया इस अवसर पर परिवार जन के साथ मोहनखेडा तिर्थ के ट्रस्टी बाबुलाल खेमसरा, अजीत रांका, मोहनलाल पोखरना, रमेशचंद जैन एडवोकेट, के साथ परिवार कि निर्मला देवी, नेहा औरा, रेखा नगावत आदि उपस्थित थे संम्पुर्ण नवकारसी कि व्यवस्था श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के पुर्व महामंत्री संदीप रांका एवं जैन दिवाकर नवयुवक मंडल जावरा के अध्यक्ष मनोज डांगी, सचिव सौरभ दुग्गड, फतेहलाल बुरड, रुपेश दुग्गड, आकाश जैन,राकेश कोचच्टा, राहुल रांका, अंकुर जैन, कोषाध्यक्ष ॠषभ छाजेड ,जतिन कोचच्टा, पराग कोचच्टा, ज्ञान चंद ओस्तवाल आदि सदस्यों द्वारा की गई कि गई।