अज्ञान दशा में की गई साधना आराधना विपत्ति और संकट पैदा कर सकती है- राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश

राजकोट श्री मनोहर प्लाट स्थानकवासी जैन संघ 23 जुलाई। अज्ञान दशा में की गई साधना आराधना विपत्ति और संकट पैदा कर सकती है उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने मनहर प्लॉट स्थानकवासी जैन संघ संबोधित करते कहा कि अज्ञान सभी विवादों का मूल है।
उन्होंने कहा कि जहर अज्ञान से अनंत गुना ज्यादा खतरनाक है जहर से एक जन्म में मरता है अज्ञान से जन्म जन्मांतर तक मरता है। मुनि कमलेश ने कहा कि अज्ञान दशा में मिट्टी और सोना दोनों बराबर होते हैं अज्ञान अपने- आप ने जीवन के लिए सबसे बड़ा अभिशाप है। जैन संत ने बताया कि अज्ञान दशा में धर्म और परमात्मा भी उसके जीवन में कोई महत्व नहीं होता है।
राष्ट्रसंत ने सच कहा कि सभी पापों का मूल अनर्थ कि खान और स्वर्ग जैसे जीवन को भी नरक में परिवर्तित कर देता है संघ अध्यक्ष डॉलर भाई कोठारी ने मंच का संचालन किया प्रदीप भाई मेहता किरण बाई रू पानी ने विचार व्यक्त किए । भारती बहन ने गुरु भक्ति गीत प्रस्तुत किया । महिला मंडल और पुत्रवधू मंडल ने नवकार का जाप किया । कौशल मुनि ने मंगलाचरण किए गौतम मुनि ने विचार व्यक्त की।

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