खुशियों की दास्तान – स्वस्थ होकर लखन सामान्य श्रेणी में आया

रतलाम । आंगनवाड़ी केंद्र पर की गई देखभाल, नियमित वजन का आकलन और अतिरिक्त मील के माध्यम से लखन कुपोषित से सामान्य श्रेणी में आ गया‌। रतलाम ग्रामीण क्रमांक एक परियोजना के सेक्टर मुंदड़ी में आईएमएएम कार्यक्रम के दौरान 19 बच्चों का पंजीयन किया गया था। इनमें से लखन भी एक था। आंगनवाड़ी केंद्र पलाश की माता लीलाबाई और पिता मोतीलाल का पुत्र लखन कमज़ोर था। इस बालक के परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमज़ोर थी। माता-पिता दोनों मजदूरी करके अपना घर चलाते थे। लखन का स्वास्थ्य परीक्षण पर्यवेक्षक श्रीमती प्रियंका बैरागी द्वारा 22 अक्टूबर 2020 को किया गया, जिसमें बच्चा सेम श्रेणी में आया। डॉक्टर द्वारा परिवार को सलाह दी गई कि बच्चे को दिन में चार-पांच बार ऊपरी आहार दें । उसे एल्बेंडाजोल जैसी दवाइयां दी गई। उसके बाद अगले दिन से मल्टीविटामिन आयरन सिरप एमेक्सोसीलिन सिरप बच्चे को दिया गया।
माता-पिता मजदूरी पर जाते थे। इस कारण बच्चे को समय नहीं दे पाते थे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती सीमा शर्मा के साथ पर्यवेक्षक ने बच्चे की माता को समझाईश दी कि प्रतिदिन आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चे को लेकर आए। समझाने पर माता-पिता ने अपने बच्चे को आंगनवाड़ी केंद्र लाना शुरू किया। इसके लिए उन्होंने अपनी मजदूरी भी छोड़ी। आंगनवाड़ी केंद्र पर आयुष विभाग द्वारा प्राप्त महामाश तेल की मालिश प्रतिदिन माता द्वारा बच्चे को की गई। कार्यकर्ता द्वारा सुपुष्टी चूर्ण पकाकर बच्चे को खिलाया गया। पर्यवेक्षक द्वारा सतत निगरानी रखी गई। बच्चे का प्रतिदिन फालोअप लिया गया। प्रत्येक 7 दिन में वज़न और लंबाई नापी गई। इन प्रयासों से जल्द ही सैम से मैम और मैम से सामान्य श्रेणी में आ गया। 12 फालोअप के बाद बच्चे की लंबाई 97 सेंटीमीटर और वजन 12.500 किलो हो गया। बच्चे के सामान्य आने पर माता-पिता प्रसन्न हैं। सामान्य श्रेणी में आने के बाद लखन की माता उसका पूरा ख्याल रख रही है।

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