जावरा (अभय सुराणा) । वो सुबह कभी तो आएगी इन काली सदियों के सर से जब रात का आँचल ढलेगा जब दुःख के बादल पिघलेंगे जब सुख का सागर छलकेगा जब अंबर झूम के नाचेगा जब धरती नग्में गाएगी वो सुबह कभी तो आएगी ऐसा संकल्प प्राणी मात्र के लिए जो व्यक्ति या संस्था अपनें मन में सद्धभाव रखता है ऐसे मानवीय भावों के संकल्प को परम् पिता परमेश्वर स्वीकार कर जन जन को खुशहाली की और ले जातें है ऐसा ही संकल्प जैन सोश्यल ग्रुप जावरा मैत्री परिवार द्वारा अच्छी वर्षा की कामना के लिये अधिष्ठायक देव श्री मणीभद्र देव जी की 108 दिपक की आरती महाआरती का निश्चय मेत्री परिवार द्वारा लिया गया वह अनुकरणीय है उक्त विचार समाजसेवी श्री शांतीलाल दुग्गड ने आरती महाआरती के पुर्व व्यक्त किये । उक्त जानकारी देते हुए जैन सोश्यल ग्रुप जावरा मैत्री के अध्यक्ष राजीव लुक्कड व सचिव दिपक मेहता ने बताया कि जैन सोश्यल ग्रुप जावरा मैत्री परिवार के
संकल्प के कुछ समय पश्चात अधिष्ठायक देव श्री मणीभद्र देव जी ने क्षेत्र में अच्छी वर्षा शुरु कर दि जिससे प्राणी मात्र वनस्पति मात्र पर खुशहाली छा गई जैन सोश्यल ग्रुप जावरा मैत्री परिवार द्वारा अपनें संकल्प पर दृढ़ निश्चित रहतें हुए गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर जैन मंदिर पिपली बाजार जावरा पर अधिष्ठायक देव श्री मणीभद्र देव जी की 108 दिपक की संगीतमय महाआरती की गई आरती के पुर्व नगर के युवा भजन गायक चिराग चोपड़ा द्वारा 5 भजनों की प्रस्तुति दि जिससे आरती महाआरती का आनंद कई गुना बड गया चिराग चोपड़ा द्वारा विगत दिनो मोहनखेडा की पावन भुमी पर देश के दिग्गज भजन गायको के साथ शानदार प्रस्तुति दि गई थी जिससे जावरा शहर का नाम रोशन करनें पर ग्रुप द्वारा बहुमान किया गया । आरती की प्रभावना का लाभ सर्राफ श्री प्रकाशचंद पियुष कुमार कांठेड परिवार द्वारा लिया गया । महाआरती के पश्चात ग्रुप द्वारा प्रसादी का वितरण किया गया उक्त आयोजन मै जेएसजीआईएफ के अंतराष्ट्रीय सहसचिव अनिल धारीवाल, रीजन के पूर्व कोषाध्यक्ष संदीप रांका, रीजन कोषाध्यक्ष पंकज काठेड, जेएसजी जावरा मैत्री पूर्व अध्यक्ष आशीष पोखरना, के साथ समाजसेवी अभय चोपड़ा ,प्रकाश मारवाड़ी, शशांक मेहता, मनीष पोखरना, पियुष काठेड, लोकेश काठेड, विशाल बरैया, पुखराज सुराणा, अंकित लुक्कड, मनीष धारीवाल, आशीष चत्तर, अंशुल मुणत, विभोर जैन, गौरव धोका,राहुल छाजेड़, मयुर ओरा आदी साथी उपस्थित थे कार्यक्रम का संचालन आशीष पोखरना एंव अंत मे आभार आशीष चत्तर ने व्यक्त किया ।