सभी धर्मों का मुख्य लक्ष्य मानव समाज को बुराई से मुक्त करना – राष्ट्रसंत कमलमुनि कमलेश

राजकोट (मनहर प्लाट जैन स्थानक 27 जुलाई 2021)। बुराई के लिए जितने बुरे लोग दोषी है उस पाप के लिए कई गुना ज्यादा दोषी सज्जन लोग हैं जो बुराई के सामने मौन रहकर उनका उत्साह बढ़ाने का पाप कमाते हैं । उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने विभिन्न धर्म गुरुओं से विचार विमर्श के दौरान व्यक्त करते कहा कि सभी धर्म बुराइयों का विरोध करते हैं ऐसे लोगों का किसी धर्म में प्रवेश नहीं ।
उन्होंने कहा कि मु_ी भर बुरे लोग हैं लेकिन वह संगठित सक्रिय और प्रशिक्षित है सज्जन लोग भारी संख्या में होने के बावजूद निष्क्रिय बिखरे हुए और दिशा ही नहीं।
मुनि कमलेश ने बताया कि देश में लाखों संतो होने के बावजूद भ्रष्टाचार हिंसा, बलात्कार, आतंकवाद, मिलावट, अराजकता, रिश्वतखोरी, भ्रूण हत्या, व्यसनों की भरमार सबके लिए चुनौती आध्यात्मिकता की दुहाई देने वाले के मुंह पर करारा तमाचा है।
राष्ट्रसंत ने स्पष्ट कहा कि यदि धार्मिक लोग आपसी मतभेद भुलाकर संगठित होकर बुराइयों के खिलाफ वैचारिक क्रांति का शंखनाद नहीं करेंगे तो उनका अस्तित्व भी खतरे में पड़ जाएगा।
जैन संत ने कहा कि सभी धर्म गुरुओं को मिलकर धार्मिक व्यक्ति की न्यूनतम आचार संहिता का निर्माण करना चाहिए जिसमें नैतिकता हो राष्ट्रभक्त हो व्यसन मुक्त हो पर्यावरण प्रेमी विश्व शांति में विश्वास हो वही सच्चा हिंदू मुस्लिम जैन बौद्ध सिख ईसाई है
अंत में बताया कि सभी धर्मों का मुख्य लक्ष्य मानव समाज को बुराई से मुक्त करना और मानवीय गुणों का विकास करना है अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच के वरिष्ठ कार्यकर्ता इचलकरंजी निवासी श्री महावीर चंद जी बोरुं दीयाने मुनि कमलेश के राष्ट्रव्यापी अभियान का परिचय दीया कौशल मुनि जी ने मंगलाचरण किया गौतम मुनि जी ने विचार व्यक्त किए संघ अध्यक्ष डॉलर भाई ने स्वागत किया

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