
अहमदाबाद जैनम जयति शासनम तीर्थ 8 जनवरी 2021 । शरीर और आत्मा का भेद ज्ञान आत्मा कर्म और पुनर्जन्म की अनुभूति जिसको हो जाती है वही सच्चा ज्ञानी है उक्त विचार आज राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने संबोधित करते कहा कि सूरदास जी आध्यात्मिक ज्ञानी के रूप में प्रसिद्ध हुए हैं जिन्होंने संसार को देखा नहीं।
उन्होंने कहा कि मात्र अक्षर ज्ञान खाने-पीने कमाने का व्यावहारिक ज्ञान और मात्र डिग्री प्राप्त करने वाले को ज्ञानी नहीं कहा गया है। मुनि कमलेश ने बताया कि पुनर्जन्म की सैकड़ों घटनाएं वर्तमान में आंखों देखा जा रहा है आज के विज्ञान ने पुनर्जन्म को स्वीकार कर लिया है।
राष्ट्रसंत ने कहा कि इंसान तो क्या पशुओं को भी आत्मज्ञान हो जाता है उसके बाद उनके भी विचारों में परिवर्तन आ जाता है । जैन संत ने स्पष्ट कहा कि कर्मकांड और ग्रंथों का सार है आत्म साधना को प्रमुखता देना कर्मों से मुक्ति पाने का प्रयास करना
अयोध्या पुरम के महान संत ने मुनि कमलेश का अभिनंदन किया । विचारों का आदान प्रदान हुआ जिन शासन और संस्कृति की रक्षा के लिए संगठित होकर काम करने का निर्णय लिया अखिल भारतीय विचार मंच नई दिल्ली के संरक्षक उत्तम चंद जी संचेती राजकोट, राजकोट महिला शाखा महामंत्री इंदिरा संचेती ने विहार सेवा यात्रा का लाभ लिया । 9 जनवरी को सवेरे 9:30 बजे मणिनगर जैन स्थानक भवन में कश्मीर परिचारिका राजगुरु माता महासती श्री उमराव कवर अर्चना का जन्म शताब्दी समारोह जैन एकता सम्मेलन के रूप में मनाया जाएगा। गौतम प्रसादी का आयोजन रखा गया है । जैन दिवाकर विचार मंच शाखा अमदाबाद मंच के कार्यकर्ताओं की मीटिंग रखी गई है महिला और युवा कार्यकारिणी के सभी कार्यकर्ताओं को पहुंचना है और जो भी इसमें जुड़कर सेवा का लाभ लेना चाहे वह भी सादर आमंत्रित हैं