
पिलखी राजगृह / नालंदा । संघ गौरव संघ रत्न संघ सेतु उपाध्याय प्रवर परम श्रद्धेय पूज्य गुरुदेव श्री रवीन्द्र मुनि जी महाराज साहब के सुशिष्य लौह पूरूष सोहम् मुनि जी म. सा. आदि सर्व धर्म दृष्टि बाधित बालिका आध्यात्मिक विकास एंव शैक्षणिक संस्थान पिलखी राजगृह (नालंदा) बिहार में विराजित है । आपने अपने उदबोधन में कहाकि महामन्त्र नवकार की अटूट शक्ति चमत्कार, नवकार में महान् शक्ति है । प्राचीन आचार्य कहतें है, कि यदि शुद्ध भाव से नवकार मंत्र के एक अक्षर का भी जप किया जाए,तो सात सागरोपम का पाप नष्ट हो जाता है ।सम्पूर्ण नवकार के जाप से पाँच सौ सागरोपम का पाप नष्ट होता है ।और तो और, तीर्थंकर गोत्र तक का बन्ध भी नवकार द्वारा हो सकता है ।विधिपूर्वक मन,वचन और शरीर की एकाग्रता के साथ एक लाख बार नवकार जपने वाला तीर्थंकर बन सकता हैं, और सदाकाल के लिए अजर-अमर मोक्ष-धाम में पहुँच सकता है । नवकार मंत्र की महिमा का वर्णन साधारण बुद्धि वाले लोग तो क्या कर सकते हैं? केवल-ज्ञान और केवल-दर्शन के धारक अरिहंत प्रभु भी इसकी महिला का पूर्ण-वर्णन नहीं कर सकते । एक मरु-धर कवि इस सम्बन्ध में बड़े ही ह्रदय-स्पर्शी शब्दों में अपनी भावना अभिव्यक्त करते हुए कहता है कि अतीत काल में अनन्त तीर्थंकर हो चुके हैं और भविष्य में भी अनन्त तीर्थंकर होंगे, परन्तु कोई भी नवकार मंत्र की आदि नहीं बता सकता है । यह अरिहंत भगवान् का कथन । अहिंसा जागरूकता अभियान निरंतर जारी है । उक्त जानकारी संस्थान के रमेशकुमार जैन ने दी ।