
गांधीनगर महावीर भवन 18 जनवरी 2021 । प्रशंसा सुनकर खुश होता है निंदा सुनकर दुखी होता है वह नादान और अज्ञानी है। उक्त विचार राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश ने मरुधर केसरी श्री मिश्रीमल जी महाराज कि पुण्यतिथि पर संबोधित करते कहा कि प्रशंसा मीठा जहर जिसमें चापलूसी करने वाले सन्मार्ग से भटका देते हैं और निंदक जो हमें सन्मार्ग प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि स्वार्थ की पूर्ति हुई तो प्रशंसा कमी पड़ी तो निंदा करने पर उतारू हो जाते हैं वह दया के पात्र हैं । मुनि कमलेश ने कहा कि निंदा करने वाला अपने आत्मा के कर्मों की निर्जरा करता है हमारे लिए परमात्मा का स्वरुप है ।
राष्ट्रसंत ने बताया कि ईगो टकराता है इंसान भी शैतान का रूप ले लेता है भगवान को भी नहीं छोड़ता है।
जैन संत ने कहा कि निंदा की परवाह न करते हुए निरंतर आगे बढ़ता है सफलता उसके चरण चूमती है और वही निंदा करने वाली प्रशंसक बन जाते हैं अखिल भारतीय श्वेतांबर स्थानाक्वासी जैन कॉन्फ्रेंस नई दिल्ली बिहार धान के राष्ट्रीय अध्यक्ष नंदू भाई भटेवरा पूर्व राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष सागरमल सांखला मनसुखभाई गूगले का दिवाकर मंच अहमदाबाद के अध्यक्ष प्रकाश चंडालिया ने सम्मान किया विहार धाम गुजरात के अध्यक्ष मनोज डांगी को नियुक्त किया आज महावीर पुस्तकालय बनाने का प्रस्ताव पास किया कौशल मुनि ने मंगलाचरण किया घनश्याम मुनि गौतम मुनि ने विचार व्यक्त किए