मानवीय मूल्यों की रक्षा करना ही धर्म की रक्षा करने के समान है – राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश

गांधीनगर अक्षरधाम 21 जनवरी 2021 । मानवीय मूल्यों की रक्षा करना ही धर्म की रक्षा करने के समान है उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने अक्षरधाम परिसर में संबोधित करते कहा कि मानवीय मूल्य शाश्वत है सदैव प्रासंगिक रहेंगे।
उन्होंने कहा कि मानवीय मूल्यों का मापदंड पद प्रतिष्ठा ना होकर सत्य अहिंसा और प्रेम के आधार पर होना चाहिए । मुनि कमलेश ने बताया कि विश्व के सभी महापुरुष ने मानवीय मूल्यों की स्थापना के लिए संपूर्ण जीवन न्योछावर कर दियान
राष्ट्र संत ने स्पष्ट कहा कि दुर्भाग्य है आज उन्हीं के नाम पर मूल्यों का हनन किया जा रहा है त्याग सादगी और ईमानदारी के दर्शन दुर्लभ हो रहे हैं।
जैन संत ने बताया कि समर्पण और बलिदान की निस्वार्थ भाव से काम करने वाला व्यक्ति सामान्य होकर भी महान है जिसमें अहंकार ईष्र्या लोग हैं वह धन पति भी गरीब है।
अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली कि राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष संपत जी सांखला राजकोट ने समारोह की अध्यक्षता की शाखा राजकोट अध्यक्ष चेन सुखलाल संचेती पंकज मुनोत विशेष अतिथि के रुप में उपस्थित थे।

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