
रतलाम । मार्ग में टूटे हुए बिजली के तार से एक दुधारू भैंस को करंट लगने पर उसने मौके पर तड़प-तड़प कर अपना दम तोड़ दिया जिससे एक किसान को अपने पशुधन से हाथ धोना पड़ा है यह बिजली विभाग की लापरवाही ही कहीं जा सकती है या फिर इसे और क्या कहें ? प्राप्त जानकारी के अनुसार रतलाम विकासखंड के गांव चोरानी के कृषक खुशीलाल चौरसिया सुबह-सुबह अपने पशुओं को लेकर खेत की तरफ जा रहे थे, तो रास्ते में बिजली का तार टूटा हुआ पड़ा था, जिसके करंट लगने से उनकी तकरीबन एक लाख कीमत की नई दुधारू भैंस मौके पर ही तड़प तड़प कर मर गई, किसान खुशीलाल ने बताया कि बिजली के तार बहुत पुराने है व विभाग ने टुकड़ों टुकड़ों में वायर जोड़ रखे हैं जिससे कई बार वायर बीच में टूट कर नीचे गिर चुके है । उख्त मामले में विद्युत विभाग को कई बार सूचना दे चुके हैं, लेकिन वह तारों को नहीं सुधारते है इसी का परिणाम है कि मेरा कीमती पशुधन चला गया । यह तो गनीमत रही कि टूटे हुए तारों की वजह से हमारे गांव में किसी की जनहानि नहीं हुई ।
बिजली के तारों की वजह से दुधारू भैंस की मौत होने की सूचना पर बिलपांक विद्युत मंडल के सुपरवाइजर तथा लाइनमैन मौके पर आ गए थे, व पशु चिकित्सक तथा राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा संयुक्त रुप से पंचनामा बनाया गया है।
किसान नेता तूफान सिंह सोलंकी चोराना ने बताया कि लगभग पूरे रतलाम ग्रामीण में विद्युत विभाग की यही स्थिति हैं, जगह जगह तार लटक रहे हैं तथा पोल टेढ़े हो रहे हैं, कई बार जिले की बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों को इस बारे में अवगत करवा चुके हैं, परंतु इस और कोई ध्यान नहीं दे रहा है तथा इस तरह की घटनाएं अक्सर घटित होती रहती हैं । हम रतलाम जिला कलेक्टर से यह मांग करते है संबंधित की किसान को उसके पशुधन का उचित मुआवजा दिया जाए तथा एक अभियान चलाकर इस तरह अस्त-व्यस्त विद्युत तारों को बदला जाए ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति ना निर्मित हो।
पंचनामा बनाते समय श्री खुशीलाल पिता सुंदरलाल नि. चौरानी, नंदकिशोर मांगीलाल प्रजापत नि. चौरानी, मूलचंद रूघनाथ चौरसिया नि. चौरानी सहित आदि उपस्थित थे । पंचनोम की कार्यवाही पुष्पराज चौधरी कनिष्ठ यंत्री म.प्र.प.क्षै.वि.वि.कं.लि. बिलपांक वितरण केन्द्र द्वारा की गई।