
गांधीनगर सेक्टर-22 सेक्टर जैन स्थानक भवन 22 जनवरी 2021 । जिसमें अपने और पराए का भेदभाव होता है उसे कभी परमात्मा की प्राप्ति नहीं हो सकती। उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने संबोधित करते कहा कि प्राणी मात्र में आत्मा का निवास है सबको परमात्मा की तरह प्यार करें।
उन्होंने कहा कि इंसान बनकर जो इंसान से प्रेम नहीं कर सकता उसे सात जन्म में भी भगवान प्राप्त नहीं हो सकते।
मुनि कमलेश ने कहा कि जिसको कोई पराया नजर नहीं आता सभी प्राणी मेरे परिवार के रूप में है उसी में सम्यक ज्ञान का निवास होता है ।
राष्ट्रसंत ने बताया कि जीवंत आत्माओं को अनदेखा करते हुए परमात्मा की भक्ति और पूजा मुर्दे को शृंगार कराने के समान है । जैन संत ने कहा कि एक प्राणी को सम्मान देकर उसकी सेवा करना चारों धाम की यात्रा से बढ़कर है अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच के हजारों कार्यकर्ता पूरे देश में प्राणी मात्र की सेवा में समर्पित है।