अविश्वास आने पर आस्था नफरत में बदल जाती है – राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश

गांधीनगर सेक्टर 26 सिंघवी भवन 23 जनवरी 2021 । एक-दूसरे में गलतफहमी पैदा करके अविश्वास का माहौल पैदा करने वाला सबसे बड़ा पापी है उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने संबोधित करते कहा कि अविश्वास आने पर आस्था नफरत में बदल जाती है भगवान भी शैतान के रूप में नजर आने लगता है विकास रुक जाता और पतन शुरू हो जाता है।
उन्होंने कहा कि सोना तपने पर निखरता है वैसे ही अविश्वास के क्षणों में भी विश्वास और मजबूत होना चाहिए कितना ही संकट और अग्नि परीक्षा आ जाए । मुनि कमलेश ने बताया कि बढ़ती लोकप्रियता को देखकर स्वार्थी तत्व बौखलाहट से रिश्तो में अविश्वास का जहर घोलते हैं।
राष्ट्रसंत ने कहा कि जिस पर अविश्वास लाते हैं उसका कोई नुकसान नहीं होता हम भटक जाते हैं और अनंत संसार बढ़ाता है । जैन संत ने कहा कि अविश्वास के कारणों का समाधान करना चाहिए तभी साधना के क्षेत्र में आगे बढ़ेंगे अविश्वास अंधकार जहर है जिससे वात्सल्य और सद्भाव नष्ट हो जाते हैं अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच ने दिल्ली महिला शाखा गांधीनगर ने सफाई कर्मचारी और स्थानक में काम करने वालों का अभिनंदन करती हुई।

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