रतलाम । प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्री राजेश कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में 25 जनवरी को ए.डी.आर सेंटर में नालसा (नशा पीड़ितों को विधिक सेवाएं एवं नशा उन्मूलन के लिए विधिक सेवाएं) योजना, 2015 अंतर्गत सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री अरूण श्रीवास्तव, जिला विधिक सहायता अधिकारी पूनम तिवारी एवं नारकोटिक्स एनोनिमस के सदस्यों के साथ विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में बताया नारोटिक्स एनोनिमस के सदस्य श्री दोरजी ने बताया कि समाज को खुशहाल रखने के लिए जिले में व्यापक स्तर पर नशा मुक्ति अभियान चलाएं जा रहे है। शिविर में डा. रवि दिवेकर ने कहा कि नशामुक्त करने के लिए बेहतर इलाज किया जाकर कुछ दवाइयों का उपयोग कर नशामुक्त किया जा सकता है। साथ ही सकारात्मक विचारों से जोड़कर काफी बदलाव किया जा सकता है। नशा रोगियों को किताबों से जोड़ा जाकर अच्छे स्लोगन व फिल्म दिखाई जाए जिससे इनमें जीवन के प्रति सकारात्मक भाव जागृत हो सके।
उक्त शिविर में पूनम तिवारी ने कहा कि नशामुक्ति हेतु कार्यक्रम आयोजित कर नशा पीड़ित व्यक्ति की परेशानियों को सुनकर तथा इसके दुष्प्रभावों एवं बुराइयों के बारे में जागरूक किया जाए। साथ ही नशा मुक्त करने के लिए इनकी इच्छाशक्ति को जागृत किया जाए। इस अवसर पर इंदौर के नारकोटिक्स एनोनिमस के सदस्यों ने अपने अनुभव साझा किये। अरविन्द ने बताया कि मैं एक नारकीय जीवन जी रहा था। मेरे जीवन का कोई उद्धेश्य नहीं था, किन्तु जब से मैंने नशा छोड़ा तबसे मैं अपने आपको हल्का महसूस करता हूं। लगता है ऐसा कोई कार्य नहीं जो मैंने नहीं कर सकता। मुझे जीवन में जीने का लक्ष्य मिल गया है। शैलेन्द्र ने कहा कि डेढ़ साल से मैंने नशा करना छोड़ दिया तबसे मेरा जीवन बहुत ही खुशहाल हो गया है।
इसी तरह कृष्णपाल ने कहा कि मैं सभी तरह का नशा करता था किन्तु नशा छोड़ने के बाद मैं एक सुंदर जीवन को जी रहा हूं। अब मुझे परिवार का प्रेम व सहयोग भी मिल रहा है। अजीत ने बताया कि नशा छोड़ने के बाद अब मुझे लग रहा है कि मैं एक अच्छा जी रहा हूं। मुझे अब समझ आ गया है कि जीवन क्या है वाकई बगैर नशे के जीवन बहुत ही सुंदर व सुखद है। संजीव ने बताया कि मैंने नशामुक्त शिविर में प्रशिक्षण लिया जिसके द्वारा मेरी जीवन में सुधार आया। अमित ने बताया कि इस जीवन में मैं जो हासिल करना चाहता था वह नहीं कर पाया, किन्तु अब लगता है कि मैं सबकुछ हासिल कर सकता हूं। अजयसिंह ने बताया कि कई बार नशे के पीछे परिवार के लोग जिम्मेदार होते हैं और हम नशे के आदि हो जाते है। किन्तु मुझे जिला विधिक सहायता अधिकारी का मार्गदर्शन मिला और मैंने नशे का त्याग कर दिया आज मैं अपने परिवार के साथ बहुत खुश हूं और नशा मुक्ति के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का बहुत आभार व्यक्त करता हूं।