
रतलाम । वैदिक जाग्रति ज्ञान-विज्ञान पीठ के संस्थापक पं.संजयशिवशंकर दवे ने रतलाम स्तिथ दण्डी स्वामी मठ पर स्वामी आत्माराम जी सरस्वती जी से वर्तमान परिपेक्ष में वैदिक विधानों की स्थिति और आज की युवा पीढ़ी में बढ़ती पाश्चात्य संस्कृति क़े दुष्प्रभाव पर विस्तृत चर्चा की गई ।
स्वामी जी के द्वारा कहा गया कि वर्तमान समय पर आज कुछ युवाजन भौतिक विलासिता में नैतिक संस्कार , वैदिक विधान, नियम और परंपराओं से दूर होता जा रहा है ऐसी स्थिति में हम सभी सनातनी बन्धुओ औऱ विशेष रूप से विप्रबंधुओं जो वैदिक विधान को सम्पादित करवाते हैं उनसे उन्होंने आग्रह प्रार्थना की है कि वह सब मिलकर लोगों में जन जागृति हेतु संगठित होकर कार्य करें साथ युवा पीढ़ी को अध्यात्म की गहराई , वैदिक साहित्य की अग्रसर करने का प्रयास करें तथा वर्तमान परिपेक्ष में वैदिक विधान पूजन अनुष्ठान के वैज्ञानिक आधार से भी उनको रूबरू कराएं।
स्वामी जी ने वैदिक जागृति ज्ञान-विज्ञान पीठ के द्वारा रतलाम नगर में जनजागृति पैदा करने हेतु अध्यात्म और धर्म के प्रति आस्था और रुचि को बढ़ाने हेतु किए जा रहे प्रयासों की ह्रदय से प्रशंसा की है।
वर्तमान में स्वामी जी रतलाम स्थित दोमुँह की बावड़ी के पीछे दंडी स्वामी मठ में निवासरत है जो भी भक्त जन दर्शन और सत्संग का लाभ लेना चाहते हैं वहां पर दंडी स्वामी मठ में पहुंचकर स्वामी जी का शुभ आशीर्वाद और सत्संग का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।