महापुरुषों के आध्यात्मिक ज्ञान से निर्मित भारतीय संस्कृति का लोहा आज का विज्ञान भी मान रहा है – राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश

चित्तौड़गढ़ देवरी जैन दिवाकर कमल विहार धाम 10 मार्च 2022। एक तरफ धार्मिक आराधना करते दूसरी तरफ पाश्चात्य संस्कृति की जीवन शैली अपनाते है या धर्म और भगवान के साथ धोखा है उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने संबोधित करते कहा कि अंधेरा और प्रकाश एक साथ नहीं रह सकता इसी तरह आध्यात्मिकता और पाश्चात्य संस्कृति एक साथ नहीं रह सकती जीवन में ।
मुनि कमलेश ने कहा कि महापुरुषों के आध्यात्मिक ज्ञान से निर्मित भारतीय संस्कृति का लोहा आज का विज्ञान भी मान रहा है जिसमें पर्यावरण स्वास्थ्य आर्थिकता की रक्षा और विश्व शांति की क्षमता है।
उन्होंने बताया कि पाश्चात्य भोग वाद संस्कृति ने बीमारी तनाव और अशांति को जन्म दिया है । राष्ट्रसंत ने कहा कि पाश्चात्य संस्कृति का हमला आतंकवाद से भी खतरनाक है जो संस्कारों की होली करता है घनश्याम मुनि अरिहंत मुनि गौतम मुनि ने विचार रखे।
अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली के संरक्षक रश्मि बहन पुत्र नीरज शाह मुंबई ने विहार धाम के लिए 1500000 रुपए मुनि कमलेश की प्रेरणा से एक साथ संस्था को प्रदान किए अप्रैल माह में इसका उद्घाटन होने वाला है दिवाकर मंच पूरे देश में 10 विहार धाम बनाने का संकल्प लिया है जैन दिवाकर गुरुदेव श्री चौथमल जी महाराज साहब की दीक्षा जयंती के पावन अवसर पर जोध सिंह जैन इंद्र मल लोढ़ा ऋषभ सुराणा हस्तीमल चोर्डिया रोशन लाल चीपड़ लक्ष्मी लाल चंडालिया नरेश भड़ कतीया सहित कई वरिष्ठ महानुभाव ने आत्मीय स्वागत किया सरपंच मगनी राम डांगी ने गौशाला हेतु जमीन का आश्वासन दिया श्री भगवान महावीर स्थानकवासी सेवा समिति सेवा समिति देवरी के द्वारा भवन का निर्माण किया जा रहा है।

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