तीर्थराज सम्मेदशिखर की सिद्ध भूमि पर अभूतपूर्व त्रय मणिकांचन संजोग का शुभ अवसर

  • अक्षय तृतीय उत्कृष्ट सिंहनिष्क़ीडित व्रत के मध्य 16 उपवास की महापारणा
  • 40 महिनो से बन्द पड़ा चौपड़ा कुण्ड जिनालय के भव्य द्वार उद्घाटन समारोह ओर स्वर्णभद्र कूट पर तीनो दरवाजा पर चांदी के नव निमित्त दरवाजे का आचार्य भगवन के द्वारा पूजन के साथ प्रवेश

श्री सम्मेदशिखर । परम पूज्य,उभयमासोपवासी, महातपोमार्तण्ड, दुर्धरतप शाश्वत तीर्थराज सम्मेदशिखर पर्वत पर कठिन तप , अखण्डमौन साधना करने वाले साधना महोदधि अंतर्मना आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर जी महाराज कि प्रेरणा एवं आशीर्वाद से अंतर्मना संघ सानिध्य में सम्पूर्ण जैन समाज को 40 महिने से बन्द पडा चौपड़ा कुण्ड के जिनालय को खुलवाकर भक्तो को दिया अपनी तप साधना से अतिशय पुण्य का उपहार पजरे भारत के लोगो मे खुशी की लहर है ओर पारस नाथ टोंक पर नया चांदी का दरवाजा का शुभारंभ हुवा तीर्थ राज सम्मेद शिखर पर्वत पर होने वाले अतिशय पुण्य का संयोग क्योंकि यह त्रय मणिकांचन संजोग, चोपड़ा कुंड पर विराजित ज्योतिर्मयी जिन मंदिर की दहलीज पर सम्पूर्ण जैन समाज के सुख सौभाग्य सदभाव,प्रेम-मैत्री पुण्य प्रभात का उदय है…। आज महाराज श्री का मंगल महापारणा निर्विघ्न सम्पन्न हुआ इस पारणा में आज सेकड़ो लोग पहाड़ पर पहुचे थे आज सभी संघ का आहार गौतम स्वामी टोंक पर हुवा इस अवसर पर अन्तर्मना ने अपनी मोन वाणी से कहा कि आज का दिन पहाड़ के लिए एक अध्याय लिखेगा की आज कई काम पहाड़ में सम्पन्न हुवे ओर चोपड़ा कुंड खुल कर भगवान का अभिषेक प्रारंभ हुआ ।
इस अवसर पर आज पारणा में शामिल होने का सौभाग्य मिला साथ ही इंदौर से तरुण भैया,हैदराबाद,भोपाल,गुवाहाटी, लालगोला,धुलियान,जयपुर, दिल्ली, गिरिडीह,कोडरमा के साथ कई शहरों से लोग शामिल हुवे । उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी राज कुमार जैन अजमेरा ने दी ।

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