पशु रक्षा में ही विश्व रक्षा छिपी हुई है – राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश

निंबाहेड़ा केली ग्राम 4 जून 2022 । इंसान के बिना पशु जिंदा रह सकता लेकिन पशु के बिना इंसान एक पल भी जिंदा नहीं रह सकता है । उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने संबोधित करते कहा कि पशुओं की हत्या मानवता की हत्या से भी बढ़कर है ।
उन्होंने कहा कि आजादी से पूर्व 1000 व्यक्ति के पीछे 425 पशु थे लेकिन अब 125 भी नहीं है बढ़ती आबादी घटता पशुधन खतरे के खतरनाक संकेत है । मुनि कमलेश ने बताया कि जन्म देने वाली मां तो कुछ समय दूध पिलाती है परन्तु मां से भी बढ़कर है गौमाता वह जिंदगी भर हमारा पालन करती है ।
राष्ट्रसंत ने कहा कि पशु रक्षा की बात करके हम उन एहसान नहीं कर रहे हैं उनकी रक्षा में ही हमारी सुरक्षा निहित है । जैन संत ने बताया कि दुर्भाग्य है कि गोबर का आयात करना और मांस का निर्यात दोगुना करना बुद्धि का दिवालियापन है । पशु रक्षा में ही विश्व रक्षा छिपी हुई है । राष्ट्र संत कमलमुनि के खोर ग्राम आगमन पर सरपंच प्रतिनिधि राधेश्याम टेलर, उपसरपंच सज्जन सिंह, देवीलाल जैन, अनरोदा सागरमल सालेचा, जसवंत सिंह बोहरा, जनप्रतिनिधि पिंकेश जैन, पंकज पाटीदार, शिव पाटीदार, भेरूलाल बलाई, लक्ष्मी बाई मीणा, हीरालाल वीरवाल, ओमप्रकाश वीरवाल साहित्य शहर के सभी प्रतिष्ठित लोगों ने नागरिक अभिनंदन किया । 5 जून को 9.00 बजे गौशाला भूमि पूजन में राजस्थान सरकार के मंत्री उदयलाल जी आंजना पूर्व मंत्री श्री चंद कृपलानी मंगल कामना प्रेषित की है ।

Play sound