- श्री लक्ष्मीनाथ गुरु कमल गौशाला का भूमि पूजन हुआ
- अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली के पदाधिकारियों ने भक्तों का सम्मान किया



निंबाहेड़ा केली श्री लक्ष्मीनाथ गुरु कमल गोशाला 5 जून 2022 । प्रकृति धर्म गुरु और परमात्मा से बढ़कर है और हमारा असली प्राण है उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने संबोधित करते कहा कि मानव स्वार्थ और विलासीता में डूब कर राक्षस बना हुआ उपकारी प्रकृति पर कहर ढा रहा है ।
उन्होंने सरकार की दोहरी नीति पर कड़े प्रहार करते कहा कि सरकार एक तरफ पर्यावरण की रक्षा प्लास्टिक थैली उपयोग का पाखंड करती है दूसरी तरफ लाइसेंस की खुद देती है उपयोग के स्थान पर उत्पादन प्रतिबंध क्यों नहीं लगाती ।
राष्ट्रसंत ने कहा कि वनाभरण्य बन सकता है तो गोभरण्य क्यों नहीं बन सकता है । खूंखार जंगली जानवरों की रक्षा पर अरबों पर खर्च करती है पालतू पर खंजर चलाने की इजाजत क्यों ? किसी भी प्राणी की हत्या पर्यावरण कानून का कत्ल करने के समान है।
श्री लक्ष्मीनाथ गुरु कमल गौशाला का भूमि पूजन जिला उप प्रमुख भूपेंद्र सिंह जी एवं सरपंच राधेश्याम टेलर मनीष कुमार सिंघवी ने किया । कैलाश पाटीदार अनिल कुमार खटीक लक्ष्मी देवी गुर्जर लक्ष्मण सिंह राजपूत रामनाथ तेली जसवंत सिंह सालेचा सागरमल सालेचा विमल बाइ कांठेड़ की स्मृति में सूरत सहित कई दानवीर भामाशाह ने 1600000 रुपए की धनराशि गौशाला को प्रदान की।
पंचायत समिति ने 900 बीघा जमीन में गोभारण्य बनाने का प्रस्ताव पास किया । उप जिला प्रमुख ने उसका अनुमोदन किया 108 युवाओं की एवं महिलाओं की गौ रक्षक तैयार हुए । अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली के पदाधिकारियों ने भक्तों का सम्मान किया। 6 जून को कनेरा गौशाला में जैन दिवाकर पक्षी विहार का भूमि पूजन मुनि कमलेश के सानिध्य में किया जाएगा सभा का संचालन सुरेश वैरागी ने किया समारोह के पश्चात गौतम प्रसादी का लाभ सागरमल जी सालेचा ने लिया गौतम मुनि ने मंगलाचरण किया घनश्याम मुनि ने विचार व्यक्त किए आज शाम को अठाना की संभावना है मंदसौर नीमच जावद कनेरा नयागांव निंबाहेड़ा सहित कई गांवों के गो भक्तों ने कार्यक्रम में भाग लिया पर्यावरण दिवस पर सो पौधे रतन लाल जी मीणा की स्मृति में प्रदान किए समारोह के पूर्व शहर में गो पदयात्रा निकाली गो माता की पूजा की गई तथा गौशाला का भूमि पूजन भी हुआ भारी संख्या में जनता ने भाग लिया पुलिस प्रशासन की सेवाएं सुंदर रही ।