गंभीर वित्तीय अनियमितता के मामले में निचली आदालत द्वारा दिये गये दोषसिद्धि के निर्णय को अपील न्यायालय द्वारा यथावत रखा गया

आलोट । न्यायालय श्रीमान (सुनील कुमार) अतिरिक्त सत्र न्यायालय आलोट जिला रतलाम द्वारा अपील में दिनांक 03.06.2022 को निर्णय पारित कर अभियुक्त सुजीत नरेश पिता ताराचंद नरेश आयु 46 वर्ष निवासी-102 रेजीमेंट बाजार महु हा.मु. रतलाम को माननीय अधीनस्थ न्यायालय द्वारा धारा 420,467,468,471,409 भादवि के अंतर्गत 03-03 वर्ष का सश्रम कारावास तथा प्रत्येक अपराध धारा में 1000-1000/- रूपये के अर्थदण्ड को यथावत रखते हुवे अभियुक्त द्वारा प्रस्तुत अपील निरस्त की गई।
अभियोजन अनुसार तत्कालीन अधिकारी राजस्व् ओ.पी. गौतम द्वारा जांच में यह पाया गया कि तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुजीत नरेश ने अपने पद के दुरूपयोग वित्ती्य अनियमितता कर जनपद पंचायत आलोट में लेखपाल के पद पर पदस्थ आंनंदीलाल निगम को मेडीकल बिल के पेटे 16,324 रूपये राशि का भुगतान बजट के प्रावधानों के विपरीत किया गया। जनपद पंचायत के सभाकक्ष हेतु विद्युत सामग्री क्रय की गयी थी, जिसका भुगतान 29,000/- रूपये किया गया जो सेठिया इलैक्ट्रिानिक्स आलोट से क्रय की गयी, क्रय की गयी सामग्री का भौतिक सत्यापन राजस्व् निरीक्षक से करवाए जाने पर पंचनामा अनुसार केवल 9,909 रूपए की विद्युत सामग्री क्रय की जाना बताया, जिसमें कोई कोटेशन भी नहीं बुलवाए गए। संजय राउत इलैक्ट्रिोनिक्सि को 29,301 रूपए की राशि का भुगतान किया गया। जनपद पंचायत पंच सम्मेलन हेतु कुल 66,788 रूपए का भुगतान किया गया, किंतु पंच सम्मेलन नहीं हुआ। इस प्रकार आरोपी सुजीत नरेश द्वारा 68588/- रूपए का फर्जी भुगतान प्राप्त किया गया एवं गंभीर वित्तीय अनियमित्ता दर्शाई गयी। उक्त‍ अपराध धारा 420,467,468,471,409 भादवि के अंतर्गत अपराध कायम कर अनुसंधानपूर्ण कर अभियुक्त, सुजीत नरेश पिता ताराचंद के विरूद्ध उक्त धाराओं के अन्तर्गत अभियोगपत्र न्यायालय श्रीमान न्यायिक दण्डा्धिकारी महोदय रश्मिना मंसूरी प्रथम श्रेणी आलोट के न्यायालय में प्रस्तुत किया गया जिस पर उक्त न्यायालय द्वारा अभियोजन की और से प्रस्तुत साक्ष्य को प्रमाणित मानकर आरोपी सुजीत को धारा 420,467,468,471,409 भादवि में 03-03 साल का सश्रम कारावास तथा प्रत्येक अपराध धारा में 1000-1000/- रूपए के अर्थदण्ड से दिनांक 07.09.2016 को दण्डित किया गया था।
उक्त न्यायालय द्वारा पारित निर्णय से असंतुष्ट होकर आरोपी सुजीत नरेश की और से एक दाण्डिक अपील क्रमांक 20/2016 अतिरिक्त सत्र न्यांयाधीश महोदय, आलोट के न्यायालय में प्रस्तुत की गई जिस पर माननीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश महोदय, श्रीमान सुनील कुमार द्वारा अभियोजन की और से प्रस्तुत साक्ष्य को प्रमाणित मानते हुए माननीय अधीनस्थ न्यायालय द्वारा दिये गये निर्णय को यथावत रखते हुवे अभियुक्त द्वारा प्रस्तुत अपील को निरस्त किया गया। अभियोजन की ओर से सफल पैरवी अपर लोक अभियोजक श्री हैमेन्द्र कुमार गोयल द्वारा की गई।

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