संत माली बनकर मानवता की इस बगीचे में समर्पित होंगे तभी मानवता का उद्धार संभव है – राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश

कनेरा जैन स्थानक भवन 7 मई 2022 । संत माली बनकर मानवता की इस बगीचे में समर्पित होंगे तभी मानवता का उद्धार संभव है उच्च विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने धर्म सभा को संबोधित करते कहा कि अपमान को भी अभिनंदन के रूप में स्वीकार करते हैं वह महान संत हैं ।
उन्होंने कहा कि संत धर्म स्थान की चारदीवारी से बाहर ना निकले और मानवता डूब गई तो धर्मस्थल के दरवाजे कौन खोलेगा ।
मुनि कमलेश ने बताया कि संत चलते फिरते तीर्थ है जो मन की मलिन ता को दूर कर पावर और पवित्र बनाते हैं ज्ञान के माध्यम से । राष्ट्रसंत ने स्पष्ट कहा कि संत की पहचान वेशपंथ परंपरा कर्मकांड से नहीं उसके निस्वार्थ निर्मल पवित्र विचारों से होती है।
जैन संत ने कहा कि संत दलगत राजनीति से दूर रहकर देश का नेतृत्व करें ज्ञान के प्रकाश से विश्व को आलोकित करें ।श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ कनेरा एवं गोपाल कृष्ण गौशाला महिला संगठनों सहित कई संगठनों ने राष्ट्रसंत का शाल ओढ़ाकर अभिनंदन किया इस मौके पर नितिन जैन सुशील आंचलिया रोहित जैन राहुल जैन पवन मारू रवि मारू शुभम सेठिया अक्षत खटोड़ युवा शक्ति ने जैन दिवाकर पक्षी विहार में सेवा का संकल्प लिया राजस्थान सरकार के पूर्व मंत्री श्री चंद कृपलानी पूर्व विधायक अशोक नौलखा ने मुनि कमलेश को बधाई संदेश दिया।

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