पाश्चात्य संस्कृति के रंग में रंग कर आध्यात्मिकता की दुहाई देना हास्यास्पद है – राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश

माहेश्वरी समाज ने राष्ट्रसंत का अभिनंदन कर संस्कृति रक्षा का संकल्प लिया

जावद महेश्वरी भवन 8 जून 2022 । महापुरुषों के आध्यात्मिक ज्ञान से निर्मित सबसे प्राचीन संस्कृति से ही भारत को विश्व गुरु का बनने का सौभाग्य मिला। उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने महेश जयंती पर संबोधित करते कहा कि यही संस्कृति हमें विनाश से बचाकर विकास की ओर ले जाएगी । उन्होंने कहा कि पाश्चात्य संस्कृति का हमला आतंकवाद से भी अनंत गुना ज्यादा खतरनाक है । संस्कृति रक्षक के सजग प्रहरी बने । मुनि कमलेश ने कहा कि गले तक पाश्चात्य संस्कृति के रंग में रंग कर आध्यात्मिकता की दुहाई देना हास्यास्पद है ।
राष्ट्र संत ने स्पष्ट कहा कि हम अपनी ही संस्कृति के साथ सौतेला व्यवहार कर रहे हैं जोकि विज्ञान की कसौटी पर खरी उतर रही है पश्चिम देश थूक रहे हैं हम उसे चाट रहे हैं जो कि अशांति तनाव और बीमारियों का निर्माण करने वाला है जैन संत ने बचा है कि भारतीय जीवनशैली ही रोगों से मुक्ति आर्थिक संपन्नता शक्ति शांति प्रदान कर सकता है ।
माहेश्वरी समाज ने राष्ट्रसंत का अभिनंदन कर संस्कृति रक्षा का संकल्प लिया । विधवा को वीरांगना प्लास्टिक मुक्त समाज का निर्माण गौ रक्षा का संकल्प लेकर गुरु भक्ति का परिचय दिया प्रतिभावान छात्रों को सम्मानित किया गया ।

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