पहले मन को मजबूत करें फिर संकल्प ले तभी सफलता मिलती है – राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश

नीमच । धर्म अध्यात्म में आज के संबल बिना आत्मा कल्याण नहीं होता है।धर्म मन आत्मा की शक्ति को जगाने का कार्य करता है । रणवीर ने कहा कि कृष्ण और महावीर ने कहा कि मानव तू कर्म कर मुझ में जो शक्ति है वह तुझ में भी है । मानव को कर्म करो फल की इच्छा मत कर । मन के जीते जीत है मन के हारे हार है जो अपनी शक्ति को नहीं जानता वह परमात्मा को नहीं जानता है पहले मन को मजबूत करें फिर संकल्प ले तभी सफलता मिलती है।यह बात राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने कही। वे इंदिरा नगर जैन आराधना भवन में रविवार सुबह 9बजे आयोजित जन जागृति धर्म सभा में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि धर्म के मार्ग पर सदैव प्रसन्न करना चाहिए धर्म के मार्ग में विचारों से प्रेरित करना चाहिए शिवाजी राणा प्रताप महावीर झांसी की रानी राणा सांगा को आदर्श मानकर युवा वर्ग को प्रेरणा लेना चाहिए कभी जीवन में सफलता मिल सकती है आत्मविश्वास से व्यक्ति आगे बढ़ता है किसी भी किसी का भी मनोबल तोड़ना नहीं चाहिए बल्कि बढ़ाना चाहिए।अंधविश्वास आत्मा के मनोबल को तोड़ता है अज्ञान आत्मा के गुण को प्रकट होने नहीं देता है शरीर की रचना और नारी के अलग अलग हो सकती है जबकि आत्मा एक है कर्म से व्यक्ति भगवान बनता है निर्भीकता निडरता आत्मविश्वास होता है तो व्यक्ति विश्व के लिए आदर्श बन सकता है घोड़ा पशु होने के बाद भी साथ ही था। महापुरुषों की जीवनी से पढ़ने से आती हैहम किसी के आदमी साथ में नहीं तोड़े यह भी पाप है हाथ में शक्ति को विवेक ज्ञान साधना से जुड़े वाल्मीकि ने राम-राम बोलते बोलते हैं ना राम राम बोलने लगे तभी वरिष्ठ ज्ञानी बने थे किसी के मन को तोड़ना नहीं हुई तो लोग क्या कहेंगे सबसे बड़ा रोग दुनिया की परवाह नहीं करते रहे जो लोग आज हंसी उड़ा रहे हैं सफल होने पर सम्मान देंगे वक्त आएगा ऐसा कभी ना कभी पाएंगे हम सभी महावीर महावीर बनने के लिए 27 बार जन्म लेना पड़ा यदि असफल हो जाए ततो हताश होने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि असफलता ही सफलता का प्रवेश है।हम हमेशा जीतने वाले को प्रोत्साहन देते हैं जबकि हारने वाले के बिना जीत संभव नहीं थी उस पर हारने वाले को भी प्रोत्साहन देना चाहिए हार के कारण ही जीत मिलती है यदि एक पहलवान नहीं आता तो दूसरा कैसे जीता आत्मबल घातक बीमारी के रोग को भी जीत सकते हैं संघर्ष और आत्मविश्वास से मौत भी वापस लौट सकती हैविधवा महिलाओं को मांगलिक कार्यक्रमों में आगे लाना चाहिए विधवा शब्द का उपयोग कुरान बाइबल गीता रामायण कहीं भी नहीं है।झांसी की रानी आत्मबल समारोह क्रांतिकारी कार्य करें तो समाज में जागृति आती है एक महिला ने दिल्ली में अश्लील पोस्टर फाड़े मीडिया में समाचार पेपर 200 लोग उस महिला को सहयोग के लिए घर पहुंचे कहा कि कोई सहयोग हो तो बताना वहीं महिला आज दिल्ली सरकार में मंत्री है।परिश्रम और कर्म पुरुषार्थ करें तो सफलता कदमों में आती है परिश्रम करने से शर्म नहीं करें काम कोई छोटा या बड़ा नहीं होता है काम सच्ची लगन से करना चाहिए तभी सफलता मिलती हैमहिला एवं युवा वर्ग समाज सेवा परमिशन बनाए तो सफलता अवश्य मिलती है हम मन से समय परिश्रम श्रमदान करेंगे तो रास्ते आगे से आगे खुलते जाएंगे जीव दया के लिए कबूतरों को दाना डालना चाहिए कबूतरों की हवा से और स्वस्थ जीवन का स्वस्थ जीवन इस प्रकार एक पंथ दो काज हो जाता है।बच्चों को भी पक्षियों को दाना डालने के संस्कार जीव दया का पाठ पढ़ाना चाहिए ।
कोरोनावायरस महलों में रहने वालों को ही कोरोना बीमारी ने हमला किया था।
समाज सेवा के लिए वसुपूज्य जैन पक्षी विहार स्थापना की गई हैजिस जिसके लिए 108 बोरी अनाज की संग्रहित करने का लक्ष्य रखा गया जिसमें समाज जनों ने कमल मुनि की प्रेरणा से 65 बोरी अनाज के दान देने की घोषणा की ।धर्म सभा के समापन पर धर्म प्रभावना का वितरण किया गया।संत गौतम मुनि मसा ने भी धर्म सभा को संबोधित किया धर्म सभा में कमल मुनि जी महाराज साहब द्वारा मांगलिक श्रवण करवाकर आशीर्वाद किया गया।
धर्म सभा में संत घनश्याम मुनि कौशल मुनि त्रिलोक मुनि अक्षय मुनि आदि का सानिध्य मिला।
इस अवसर पर राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश के सानिध्य में दोपहर 3बजे तथा रात्रि 8 बजे ज्ञान चर्चा का आयोजन किया गया जिसमें सभी समाज जनों ने उत्साह के साथ संवाद कर प्रश्न उत्तर में भाग लिया । इस अवसर पर वास्तु पूजा जैन सत्संग नगर के अध्यक्ष चंद्र राज कोठी फोडा सचिव चंचल श्रीमाल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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